खटीमा में 6 कुमाऊं रेजिमेंट ने हर्षोल्लास के साथ मनाया 86वां स्थापना दिवस

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उधम सिंह नगर, 1 फरवरी (आईएएनएस)। खटीमा, उधम सिंह नगर में 6 कुमाऊं रेजिमेंट ने 86वां स्थापना दिवस मनाया। इस दौरान शहीद सैनिकों की वीर गाथा को याद किया गया। 1 फरवरी 1941 को रेजिमेंट का गठन हुआ था।

भारतीय सेना के इतिहास में जंगी पलटन के नाम से मशहूर 6 कुमाऊं रेजिमेंट ने 86वें स्थापना दिवस को खटीमा के निजी होटल सभागार में हर्षोल्लासपूर्वक मनाया। पूर्व सैनिक संगठन खटीमा के अध्यक्ष कैप्टन गंभीर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

साथ ही 6 कुमाऊं रेजिमेंट की शौर्य गाथा का स्मरण किया गया। पूर्व सैनिकों ने पलटन की शौर्य गाथा को स्मरण कर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। खटीमा सहित विभिन्न स्थानों से पहुंचे पूर्व सैनिकों ने यूनिट के वीर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित कर अपनी स्मृतियां साझा कीं।

कार्यक्रम में रिटायर्ड कैप्टन पुष्कर सिंह सामंत की अध्यक्षता एवं संचालन में आयोजन किया गया। कैप्टन सामंत ने जंगी पलटन के नाम से विख्यात 6 कुमाऊं रेजिमेंट की वीर गाथा को पूर्व सैनिकों के समक्ष रखा। साथ ही उन्होंने यूनिट के इतिहास के विषय में दिए अपने व्याख्यान में बताया कि किस तरह 1 फरवरी 1941 को गठित हुई 06 कुमाऊं रेजिमेंट ने भारतीय इतिहास में 1962 सहित 1965 एवं 1971 के युद्धों में देश की रक्षा करते हुए अपने अदम्य साहस एवं शौर्य का परिचय दिया।

कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व सैनिकों ने जंगी पलटन 6 कुमाऊं के युद्ध उद्घोष गीत गाकर पूर्व स्मृतियां साझा कीं और हर्षोल्लासपूर्वक यूनिट का स्थापना दिवस मनाया। 6 कुमाऊं रेजिमेंट ने 1962, 1965 सहित 1971 के युद्धों में प्रतिभाग कर अपने शौर्य प्रदर्शन के बल पर महावीर चक्र, वीर चक्र, कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र सहित विभिन्न सेना मेडल प्राप्त किए। कार्यक्रम के अंत में ‘बेडू पाको बारह मास’ सहित विभिन्न कुमाऊंनी गीतों पर पूर्व सैनिक जमकर झूमे।

कैप्टन गंभीर सिंह धामी ने कहा कि 6 कुमाऊं रेजिमेंट का स्थापना दिवस हर साल उत्साह से मनाया जाता रहेगा। इसका इतिहास बहुत गौरवशाली रहा है। इन्होंने अपने गीतों पर जो प्रस्तुति दी है, उसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

वहीं कैप्टन महेश चंद्र जोशी ने कहा कि हमारी बटालियन जंगी बटालियन के नाम से जानी जाती है। 1941 से लेकर अब तक हमारी बटालियन 5 वीर चक्र, 1 शौर्य चक्र, 8 सेना मेडल और कई अन्य सम्मान प्राप्त कर चुकी है। हमारी बटालियन का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। हम हर साल 1 फरवरी को स्थापना दिवस मनाते हैं। सेवानिवृत्त सैनिक इसमें शामिल होते हैं, जिससे हमारी पुरानी यादें भी ताजा होती हैं।