बजट का उद्देश्य उत्पादकता में सुधार और रोजगार सृजन के लिए वातावरण बनाना: वित्त मंत्री

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नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में आम बजट 2026-27 पेश करने के बाद मीडिया को संबोधित किया। इस दौरान वित्त मंत्री ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि यह सदी की दूसरी तिमाही का पहला बजट है, जो 2047 तक विकसित भारत की ओर अग्रसर है। हम विकास की गति को बनाए रखने के लिए अर्थव्यवस्था को गति प्रदान कर रहे हैं और सतत आर्थिक विकास के लिए मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि मुख्य रूप से हम संरचनात्मक सुधारों के साथ एक ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो जारी रहेगा। इसका उद्देश्य उत्पादकता में सुधार और रोजगार सृजन के लिए पर्याप्त वातावरण बनाना है।

वित्त मंत्री ने कहा कि हम ग्रोथ की गति बनाए रखने के लिए रास्ता बना रहे हैं और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दे रहे हैं, और उस ग्रोथ की गति या लगातार आर्थिक विकास को हम सुनिश्चित करना चाहते हैं। मुख्य रूप से, हम स्ट्रक्चरल सुधारों के साथ इकोसिस्टम बनाने पर ध्यान दे रहे हैं, जो जारी रहेंगे। सुधार किए गए हैं। हम सुधार गतिविधियों को जारी रख रहे हैं। यह इस लक्ष्य के साथ जारी रहेगा कि हम प्रोडक्टिविटी में सुधार और रोजगार पैदा करने के लिए पर्याप्त माहौल बनाएं। 21वीं सदी पूरी तरह से टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इसलिए हम यह सुनिश्चित करेंगे कि आम आदमी को फायदा पहुंचाने के लिए टेक्नोलॉजी लाई जाए… हर शहर को सालाना 1000 करोड़ रुपए दिए जा रहे हैं, और जोर बड़े पैमाने पर टियर 2, टियर 3 शहरों पर होगा।

उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर मिशन में दो बड़ी घोषणाएं की गई हैं जो इंडिया स्टैक और आईपी से जुड़े मामलों को बेहतर बनाएंगी। 40 हजार करोड़ रुपए की इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम इलेक्ट्रॉनिक्स को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है। हमने रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित करने की भी घोषणा की है ताकि भारत अपनी ज़रूरतों को अपने ही मटीरियल से पूरा कर सके। इसलिए एक बार जब हम इन खनिजों की पहचान कर लेंगे, उनका पता लगा लेंगे और उन्हें प्रोसेस करके अपने लिए उपलब्ध करा लेंगे, तो रेयर अर्थ लाने के लिए बाहरी स्रोतों पर हमारी निर्भरता कम हो जाएगी और हमने उन राज्यों की पहचान कर ली है जहां हम ये रेयर अर्थ कॉरिडोर स्थापित करना चाहते हैं। ये ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में होंगे। तो ये बहुत महत्वपूर्ण डेवलपमेंट हैं और इनका भारतीय अर्थव्यवस्था पर कई, बड़े प्रभाव पड़ने वाले हैं। मैग्नेट और रेयर अर्थ पर हमारी निर्भरता कम हो जाएगी।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि सात और दुर्लभ बीमारियों को इंपोर्ट ड्यूटी की छूट वाली लिस्ट में जोड़ा गया है। बैगेज क्लीयरेंस और यात्रा के दौरान आप जो पर्सनल सामान लाते हैं, उन सभी पर ड्यूटी-फ्री सुविधा बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा, डायरेक्ट टैक्स और इनडायरेक्ट टैक्स से जुड़े कई प्रस्ताव हैं।

उन्होंने कहा कि आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई पहलें की जा रही हैं। विशेष रासायनिक पार्क विकसित किए जाएंगे और दो स्थानों पर अनुसंधान के लिए उच्च तकनीक वाले उपकरण कक्ष स्थापित किए जाएंगे। सुरंग खोदने वाली मशीनों से लेकर अग्निशमन उपकरणों तक, निर्माण और भारी-भरकम उपकरणों का भारत में ही निर्माण करना आवश्यक है, क्योंकि वर्तमान आयात सार्वजनिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के लिए महत्वपूर्ण उपकरणों तक पहुंच को सीमित करता है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए घरेलू कंटेनर विनिर्माण को भी समर्थन देगी।

उन्होंने कहा कि उत्पादकता बढ़ाने, नए निवेश आकर्षित करने और भारत के अपने ब्रांडों को बढ़ावा देने के लिए सात रणनीतिक और उभरते क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इनमें से एक प्रमुख क्षेत्र बायोफार्मा सेक्टर है, जिसके लिए घरेलू बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर उत्पादन हेतु पांच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपए की पहल की जाएगी। वित्त मंत्री का कहना है कि इससे भारत का फार्मास्युटिकल नेतृत्व मजबूत होगा और साथ ही इस क्षेत्र में अनुसंधान और विकास की क्षमता भी बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि औद्योगिक गलियारे आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं, जो लिथियम-आयन, ऑटोमोटिव और सौर जैसे क्षेत्रों के लिए खनिजों, दुर्लभ धातुओं और चुंबकों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हैं। भारत में पर्याप्त कच्चा माल उपलब्ध है और राज्यों ने निष्कर्षण और प्रसंस्करण के लिए क्षेत्रों की पहचान कर ली है। निजी क्षेत्र के निवेश को प्रोत्साहित करने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए राज्य और केंद्र सरकारों के सहयोग से दुर्लभ धातु गलियारों की घोषणा की गई थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारण का कहना है कि रक्षा गलियारों की सफलता के आधार पर, इन पहलों से भारतीय अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।