नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय बजट 2026-27 को फिक्की (एफआईसीसीआई) ने विकास, समावेशिता और युवा शक्ति पर केंद्रित एक संतुलित और विश्वसनीय बजट करार दिया है। फिक्की के अध्यक्ष अनंत गोयनका ने नई दिल्ली में जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि यह बजट वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की विकास गति को बनाए रखने पर मजबूत जोर देता है।
अनंत गोयनका ने वित्त मंत्री के निरंतर सुधारों, मजबूत सार्वजनिक पूंजीगत व्यय, व्यापार करने में आसानी और विभिन्न क्षेत्रों पर निर्णायक फोकस की सराहना की। गोयनका के अनुसार, बजट आत्मनिर्भर भारत की दिशा में स्पष्ट प्रोत्साहन प्रदान करता है। इसमें बायो-फार्मा, महत्वपूर्ण खनिज, इलेक्ट्रॉनिक्स और पूंजीगत सामान सहित सात रणनीतिक क्षेत्रों में विनिर्माण को बढ़ावा देने के प्रस्ताव शामिल हैं।
ये कदम भारत के विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेंगे, आयात निर्भरता कम करेंगे और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करेंगे। कपड़ा, समुद्री और चमड़ा जैसे श्रम-गहन और निर्यात-उन्मुख क्षेत्रों के लिए समर्थन वैश्विक चुनौतियों के बावजूद निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखने में सहायक होगा। साथ ही, 200 पुराने औद्योगिक समूहों के पुनरुद्धार से औद्योगिक उत्पादकता और क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा में वृद्धि होगी।
एमएसएमई क्षेत्र को विशेष लाभ मिलेगा। 10,000 करोड़ रुपए का एसएमई ग्रोथ फंड, आत्मनिर्भर भारत फंड में बढ़ा आवंटन और टीआरईडीएस तंत्र के माध्यम से तरलता समर्थन सूक्ष्म एवं छोटे उद्यमों को मजबूत वित्तीय आधार प्रदान करेगा। बुनियादी ढांचे पर दिया गया जोर उल्लेखनीय है। सार्वजनिक पूंजीगत व्यय बढ़कर 12.2 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो विकास गति को समर्थन देगा, निजी निवेश आकर्षित करेगा, लॉजिस्टिक्स लागत घटाएगा और रोजगार पैदा करेगा। समर्पित फ्रेट कॉरिडोर, राष्ट्रीय अंतर्देशीय जलमार्ग, जहाज-मरम्मत पारिस्थितिकी और तटीय कार्गो संवर्धन योजना मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स ढांचे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
सेवा क्षेत्र को भी बड़ा बढ़ावा मिला है। हेल्थकेयर, शिक्षा, पर्यटन, स्किलिंग और ट्रेनिंग पर फोकस रोजगार सृजन और समावेशी विकास के लिए आवश्यक है। कृषि और किसानों की आय पर निरंतर ध्यान, विशेषकर तटीय एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में उच्च मूल्य वाली फसलों (नारियल, काजू, कोको, चंदन, अखरोट, बादाम, पाइन नट्स) के लिए लक्षित समर्थन स्वागतयोग्य है। ये कार्यक्रम उत्पादकता, निर्यात और गुणवत्तापूर्ण रोजगार बढ़ाने में मदद करेंगे।
सुधारों के क्षेत्र में सरकार की प्रतिबद्धता उत्साहजनक है। वित्तीय क्षेत्र में बैंकिंग पर उच्च-स्तरीय समिति, पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन एवं ग्रामीण विद्युतीकरण निगम का पुनर्गठन, एफईएमए नियमों की समीक्षा और कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजारों को गहरा करने की पहल वित्तीय प्रणाली को मजबूत करेंगी। फिक्की ने टैक्स सरलीकरण, गैर-अपराधीकरण, टैरिफ युक्तिकरण और व्यापार सुविधा जैसे उपायों का स्वागत किया है। वैश्विक पूंजी आकर्षित करने के लिए प्रोत्साहन और टैक्स निश्चितता के कदम भारत को विदेशी निवेश का पसंदीदा गंतव्य बनाने में सहायक होंगे।

