बजट 2026 में मेगा टेक्सटाइल पार्क्स का हुआ ऐलान, पारंपरिक टेक्सटाइल क्लस्टर्स को मिलेगा बढ़ावा

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    नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पारंपरिक टेक्सटाइल क्लस्टर्स के आधुनिकीकरण के लिए मशीनरी, टेक्नोलॉजी अपग्रेड और सामान्य परीक्षण एवं प्रमाणन केंद्रों की स्थापना हेतु पूंजीगत सहायता की घोषणा की है।

    साथ ही सरकार ने बड़े टेक्सटाइल पार्क बनाने का भी ऐलान किया है, जिससे निर्यात को बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    सरकारी बयान में कहा गया कि ये पार्क टेक्निकल टेक्सटाइल के विकास में भी सहयोग देंगे, जो औद्योगिक, चिकित्सा, रक्षा और बुनियादी ढांचा अनुप्रयोगों के लिए महत्वपूर्ण एक उच्च क्षमता वाला क्षेत्र है।

    इसके अलावा, टेक्सटाइल सेक्टर के लिए एक इंटीग्रेटेड प्रोग्राम का ऐलान किया गया। इसके पांच घटक होंगे, जिसमें नेशनल फाइबर स्कीम, टेक्सटाइल एक्सपेंशन एंड एम्प्लॉयमेंट स्कीम, नेशनल हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम, टेक्स-ईको इनिशिएटिव और कौशल के लिए समर्थ 2.0 शामिल हैं।

    समर्थ 2.0 एक एडवांस कौशल विकास कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के साथ गहन सहयोग के माध्यम से वस्त्र कौशल इकोसिस्टम का आधुनिकीकरण करना है, जिससे मूल्य श्रृंखला में उद्योग के लिए तैयार कुशल जनशक्ति की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

    सीआईआई पंजाब के चेयरमैन अमिन जैन ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि इस बजट में टेक्सटाइल सेक्टर के लिए काफी सारे ऐलान किए है। इसमें मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाना, अधिक श्रम उपयोग वाले टेक्सटाइल के लिए इंटीग्रेटेड प्लान बनाना और हेरिटेज टेक्सटाइल पार्क को दोबारा से विकसित करने की जो बात कही गई है। इससे देश की टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बड़ा बूस्ट मिलेगा।

    इसके अतिरिक्त, 10,000 करोड़ रुपए का एमएसएमई फंड बनाने का ऐलान किया गया है। देश में सबसे ज्यादा एमएसएमई टेक्सटाइल सेक्टर में है। इससे पूरे सेक्टर को फायदा होगा।

    हाल में सरकार ने यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट किया है। इससे देश के टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए निर्यात के अवसर बढ़ गए हैं। ऐसे में सरकार का टेक्सटाइल क्षेत्र पर फोकस होने से देश में बड़े स्तर पर रोजगार बढ़ाने में मदद मिलेगी।