केंद्रीय बजट दिशाहीन, भ्रामक और आम आदमी के लिए निराशाजनक: सचिन पायलट

0
9

जयपुर, 1 फरवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने रविवार को संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट को दिशाहीन, भ्रामक और आम आदमी के लिए बेहद निराशाजनक बताया।

पायलट ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में हर साल लगभग 1 लाख करोड़ रुपए की पूंजीगत व्यय बचत दर्ज की गई है, ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा केवल कागजों पर आवंटन बढ़ाकर वाहवाही बटोरने का प्रयास जनता से छिपाया नहीं जा सकता।

उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और कौशल विकास योजना जैसी प्रत्यक्ष जनहित योजनाओं पर लगभग 33,000 करोड़ रुपए खर्च करने में विफल रही, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ग्रामीण गरीबों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है।

इसके अतिरिक्त, केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को धनराशि हस्तांतरित न करने के कारण जल जीवन मिशन के तहत लगभग 50,000 करोड़ रुपए अप्रयुक्त रह गए।

पायलट ने यह भी कहा कि केंद्र ने केंद्रीय करों में राज्यों का हिस्सा 41 प्रतिशत पर बरकरार रखा है, लेकिन महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत राज्यों द्वारा वहन किए जा रहे लगभग 40 प्रतिशत व्यय के मुद्दे को हल करने में विफल रहा है।

उन्होंने मांग की कि राज्यों का हिस्सा बढ़ाकर 45 प्रतिशत किया जाए।

राजस्थान के लिए बजट को बेहद निराशाजनक बताते हुए पायलट ने कहा कि जल संसाधन मंत्रालय के बजट में पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना के लिए कोई आवंटन न होना, प्रस्तावित सभी सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से राजस्थान को बाहर रखना और पहले से स्वीकृत रेलवे लाइनों के लिए कोई प्रावधान न होना स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि भाजपा सरकार को राज्य की जनता के प्रति कोई सहानुभूति नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि बजट में किसानों को कोई राहत नहीं दी गई है और भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार से बेरोजगारी पर एक श्वेत पत्र जारी करने की मांग की।

पायलट ने चेतावनी दी कि यह बजट बेरोजगारी को और बढ़ाएगा और शिक्षित एवं उच्च शिक्षित युवाओं को निम्न स्तर के कामों में धकेल देगा।