भारत के खिलाफ वर्ल्ड कप मैच से हटा पाकिस्तान, राशिद लतीफ बोले- ‘प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है लेकिन…’

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नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ 15 फरवरी को खेले जाने वाले टी20 वर्ल्ड कप मैच का बहिष्कार किया है। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ का मानना ​​है कि पाकिस्तान का यह कड़ा रुख अब बातचीत के एक नए दौर को शुरू कर सकता है।

राशिद लतीफ का मानना है कि प्रतिबंधों की आशंका कुछ समय से बनी हुई थी और अंततः व्यावसायिक हित सभी हितधारकों को फिर से बातचीत की मेज पर लाने के लिए मजबूर कर सकते हैं।

पूर्व पाकिस्तान कप्तान राशिद लतीफ ने ‘आईएएनएस’ से कहा, “पाकिस्तान ने आखिरकार दृढ़ता दिखाई है। उन्हें प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है और वे इस बात से अवगत होंगे। हम पिछले हफ्ते से ही चर्चा कर रहे थे कि ऐसा नतीजा संभव है। अब बातचीत शुरू हो सकती है, खासकर ब्रॉडकास्टर्स के शामिल होने के साथ, क्योंकि इसमें बहुत सारा पैसा दांव पर लगा है।”

पाकिस्तान सरकार ने अपनी टीम को टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेने के लिए सशर्त मंजूरी दी है, लेकिन स्पष्ट तौर पर कहा है कि उनकी टीम भारत के विरुद्ध आगामी विश्व कप मैच नहीं खेलेगी। तय कार्यक्रम के अनुसार, यह मुकाबला कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाना है।

पाकिस्तान सरकार की तरफ से जारी बयान में इस फैसले का कोई कारण नहीं बताया गया। माना जा रहा है कि पाकिस्तान ने बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाने के लिए भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने का फैसला लिया है, जिन्हें सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत से बाहर अपने मैचों को स्थानांतरित करने की मांग के कारण पुरुष टी20 वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया गया था। बांग्लादेश के स्थान पर ग्रुप-सी में स्कॉटलैंड को शामिल किया गया है।

पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट पर कहा गया, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ पाकिस्तान की सरकार टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लेने के लिए पाकिस्तान क्रिकेट टीम को मंजूरी देती है। हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट टीम 15 फरवरी 2026 को भारत के विरुद्ध निर्धारित मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी।”

इस हफ्ते की शुरुआत में, पीसीबी के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी, और तभी उन्होंने घोषणा की थी कि पाकिस्तान की भागीदारी पर अंतिम फैसला 30 जनवरी या 2 फरवरी को लिया जाएगा। हालांकि, अंतिम फैसला एक दिन पहले ही सुना दिया गया।