तीसरी बार पिनराई विजयन सरकार की कल्पना से ही लोग घबरा जाते हैं: विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन

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वायनाड (केरल), 10 फरवरी (आईएएनएस)। केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के नेतृत्व वाली माकपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रशासनिक विफलता, राजनीतिक असहिष्णुता और आपदा प्रभावित वायनाड की घोर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि अब तो “अच्छे कम्युनिस्ट और वामपंथ के पुराने समर्थक भी यूडीएफ से ज्यादा माकपा को सत्ता से बाहर देखना चाहते हैं।”

पुथुयुग यात्रा के तहत आयोजित ‘संवादिक्काम पुथुयुगथिनायी’ कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत करते हुए सतीशन ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं और पूर्व वाम समर्थकों की आवाजें केरल के असली जनभावना को दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा, “जब लोग ‘पिनराई थ्री’ शब्द सुनते हैं, तो अपने सिर पर हाथ रख लेते हैं। उन्हें डर है कि अगर यह सरकार तीसरी बार आई तो केरल का क्या होगा।”

कांग्रेस नेता ने कहा कि के. सच्चिदानंदन और सारा जोसेफ जैसे कवियों और सांस्कृतिक हस्तियों ने वही कहा है, जो आम नागरिक महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आलोचना का जवाब असहिष्णुता से दे रही है।

सतीशन ने कहा, “हर किसी को आलोचना करने की आज़ादी है। यहां आलोचना पिनराई शासन, उसकी नीतियों और उसकी दक्षिणपंथी शैली की हो रही है, जिसने वामपंथ के पुराने सहयात्रियों को भी निराश कर दिया है।”

वायनाड का जिक्र करते हुए उन्होंने मुंडक्कई-चूरलमाला आपदा प्रभावित क्षेत्र की स्थिति को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को अब भी अपनी जमीन तक पहुंचने के लिए बुनियादी सड़क और पुल नहीं मिले हैं, कई पात्र परिवार लाभार्थी सूची से बाहर हैं और जरूरी फॉलो-अप चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।

सतीशन ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष और केंद्र से मिली सहायता सहित 1,684 करोड़ रुपये उपलब्ध होने के बावजूद सरकार गरीबों की मदद के लिए इस राशि को खर्च नहीं कर पा रही है।

उन्होंने वायनाड मेडिकल कॉलेज की हालत को “दयनीय” बताते हुए कहा कि एक्स-रे जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में मरीजों को जिला अस्पतालों में वापस भेजा जा रहा है।

उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य क्षेत्र वेंटिलेटर पर है और वायनाड मेडिकल कॉलेज इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।”

राजनीतिक मोर्चे पर सतीशन ने दावा किया कि एलडीएफ के भीतर गहरे मतभेद हैं और माकपा व सीपीआई के बीच भी भरोसे की कमी है, जबकि इसके उलट “टीम यूडीएफ” एकजुट और स्थिर है।

उन्होंने दोहराया कि यूडीएफ पुथुयुग यात्रा के समापन से पहले वायनाड के विकास के लिए एक व्यापक दस्तावेज तैयार करेगा और समयबद्ध समाधान पेश करेगा।

सरकार पर “आपदा के बाद भी गरीबों को प्रताड़ित करने” का आरोप लगाते हुए सतीशन ने कहा कि वायनाड पीड़ितों के लिए जुटाई गई राशि को खजाने में जमा कर दिया गया है, जबकि बुनियादी चिकित्सा सहायता तक नहीं दी गई। उन्होंने कहा, “कुछ मंत्रियों के एक-दो दिखावटी दौरों को छोड़ दें तो सरकार ने प्रभावित लोगों को पूरी तरह छोड़ दिया है।”

गौरतलब है कि केरल में अप्रैल–मई में विधानसभा चुनाव होने हैं।