हर दिन बस 5 मिनट सही से कर लें ये आसन, बढ़ेगी फ्लेक्सिबिलिटी और संतुलन

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नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। हम अक्सर सोचते हैं कि फिट रहने के लिए घंटों जिम में पसीना बहाना पड़ेगा, लेकिन सच ये है कि सही आसन सही तरीके से और नियमित रूप से किया जाए तो कम समय में भी शानदार परिणाम मिल सकते हैं। ऐसा ही एक असरदार योगासन है पूर्ण शलभासन।

शुरुआत में यह थोड़ा चुनौतीपूर्ण लग सकता है, क्योंकि इसमें पीठ, कंधों और पैरों की ताकत और संतुलन तीनों की जरूरत होती है। लेकिन जब आप इसे धीरे-धीरे सीखते हैं और रोज सिर्फ 5 मिनट देते हैं, तो शरीर खुद आपका साथ देने लगता है।

इसे करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेटकर सामान्य शलभासन की स्थिति में आएं, फिर पैरों को ऊपर उठाएं और शरीर का संतुलन कंधों, ठोड़ी और भुजाओं पर बनाए रखें। शुरुआत में पैरों को ज्यादा ऊपर ले जाना जरूरी नहीं है, जितना आराम से हो सके उतना करें। धीरे-धीरे आपकी पीठ की मांसपेशियां मजबूत होंगी और पैरों में लचीलापन बढ़ेगा। जब शरीर थोड़ा अभ्यस्त हो जाए, तब पैरों को ऊपर ले जाकर संतुलन बनाने की कोशिश करें और घुटने मोड़कर पंजों से सिर छूने का प्रयास करें।

यह पूरा अभ्यास न सिर्फ आपकी फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाता है, बल्कि बॉडी बैलेंस भी बेहतर करता है। जिन लोगों को लंबे समय तक बैठने की आदत है या कमर में जकड़न रहती है, उनके लिए यह आसन खासतौर पर फायदेमंद है। इससे रीढ़ की हड्डी में खिंचाव आता है, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शरीर में हल्कापन महसूस होता है। मानसिक रूप से भी यह आसन आपको फोकस करना सिखाता है, क्योंकि संतुलन बनाए रखने के लिए मन का शांत होना जरूरी है।

यह अभ्यास धीरे-धीरे आपके पोस्चर को सुधार सकता है, पेट और कमर के आसपास की अतिरिक्त चर्बी कम करने में मदद कर सकता है और आत्मविश्वास भी बढ़ाता है।

हालांकि एक बात का ध्यान रखें कि इसे झटके से या जोर लगाकर न करें, वरना खिंचाव आ सकता है। सांसों पर ध्यान रखें और हर मूवमेंट को कंट्रोल में करें। अगर शुरुआत में पूरा आसन न बन पाए तो निराश न हों, नियमित अभ्यास से सब संभव है।