नई दिल्ली, 11 फरवरी (आईएएनएस)। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने हाल ही में संसद में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ उठ रहे अविश्वास प्रस्ताव और नरवणे संस्मरण विवाद पर अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए दुर्भाग्य की बात है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संविधान का पालन करने में असमर्थ दिख रहे हैं।
मनोज तिवारी का कहना है कि राहुल गांधी नियम कानून मानने वाले नेता नहीं हैं और अपनी जिद में अपनी ही पार्टी का नुकसान कर चुके हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि संसद का समय बहुत कीमती है। हर सेकंड की अहमियत है, लेकिन विपक्ष का व्यवहार ऐसा है कि संसद का सत्र प्रभावित हो रहा है। मनोज तिवारी ने कहा कि राहुल गांधी जैसे नेता ओम बिरला जैसे सभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर संसद का समय बर्बाद कर रहे हैं। जनता यह सब देख रही है और इसका खामियाजा कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा।
नरवणे संस्मरण विवाद पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार इस किताब को लेकर बोल रहे हैं, लेकिन किताब अभी छपी भी नहीं है। अगर किताब छपी ही नहीं है और उस पर कोट या अन्य कार्रवाई होती है, तो यह उनके बुद्धि और तरीके का परिचय है।
मनोज तिवारी ने कहा कि राहुल गांधी हमेशा संविधान की किताब अपने पॉकेट में लेकर घूमते हैं, लेकिन सदन में नियमों का पालन नहीं करते। सदन में बोलने के लिए सांसदों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, लेकिन जब मौका मिलता है, तब भी विपक्ष नियमों के अनुसार नहीं बोलता।
उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी फेक इनफॉर्मेशन और फेक न्यूज फैलाते हैं और यह आज के समय में बहुत बड़ी चुनौती है। अगर नेता प्रतिपक्ष ही ऐसा कर रहे हैं, तो जनता और संसद इसे देख रही है। मनोज तिवारी ने इसे एक प्रकार का ‘अर्बन नक्सल’ व्यवहार भी बताया और कहा कि ऐसे नेताओं को देश की जनता जवाब देगी।

