‘विकसित भारत 2047’ के विजन को गति देता उत्तर प्रदेश का बजट: केशव प्रसाद मौर्य

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लखनऊ, 11 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत 19 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपए के बजट को राज्य के समग्र विकास और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण की दिशा में एक दूरदर्शी एवं जनोन्मुखी बजट बताया है।

उन्होंने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प और मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से अभिव्यक्त करता है। मौर्य ने कहा कि बजट में किसानों, युवाओं, महिलाओं, श्रमिकों, व्यापारियों तथा समाज के वंचित वर्गों को केंद्र में रखकर संतुलित एवं व्यापक प्रावधान किए गए हैं। आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण, ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, सड़क संपर्क और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है।

उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग के लिए 25,500 करोड़ रुपए का प्रावधान प्रस्तावित है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिए 822 करोड़ रुपए की व्यवस्था से ग्रामीण संपर्क मार्गों को सुदृढ़ किया जाएगा। जी-राम-जी योजना हेतु 5,544 करोड़ रुपए का प्रावधान कर 125 दिवस के गारंटीकृत रोजगार का प्रावधान सुनिश्चित किया गया है, जिससे स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण गरीबों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र में आय वृद्धि, सिंचाई विस्तार, फसल सुरक्षा और कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन पर विशेष बल दिया गया है। साथ ही कौशल विकास, स्टार्टअप और एमएसएमई को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे। स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्र में नए चिकित्सा संस्थानों की स्थापना, जिला अस्पतालों के उन्नयन और डिजिटल शिक्षा को प्रोत्साहन जैसे प्रावधान आमजन को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराएंगे।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट वर्तमान आवश्यकताओं के साथ-साथ भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में अग्रसर करेगा तथा उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा।