राज्यसभा में भाजपा सांसदों ने कहा- बजट सिर्फ एक साल का हिसाब नहीं, राष्ट्र निर्माण की रूपरेखा है

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नई दिल्ली, 12 फरवरी (आईएएनएस)। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा कि यह बजट केवल एक साल का हिसाब-किताब नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों के राष्ट्र निर्माण की मजबूत रूपरेखा है। यह अल्पकालिक प्रबंधन नहीं, बल्कि दीर्घकालिक सोच और दूरदृष्टि का दस्तावेज है।

बजट पर चर्चा के दौरान दिनेश शर्मा ने कहा कि डिजिटल कर प्रशासन, फेसलेस मूल्यांकन, समयबद्ध रिफंड और तकनीक आधारित अनुपालन ने टैक्स व्यवस्था को पारदर्शी बनाया है और करदाताओं का विश्वास मजबूत किया है। यही वजह है कि आज भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक विश्वसनीय और तेज़ी से उभरती शक्ति के रूप में स्थापित हुआ है।

उन्होंने कहा, “अगर हम इस बजट को तुलनात्मक दृष्टि से देखें तो यह अर्थव्यवस्था का एक वैज्ञानिक और सुविचारित लेखा-जोखा है। यहां आंकड़े बोलते हैं, नीयत साफ दिखाई देती है और दिशा स्पष्ट है। इस बजट में तीन बातें साफ झलकती हैं। पहला, हम आज कहां खड़े हैं, दूसरा हम कहां पहुंचना चाहते हैं और तीसरा हम वहां तक कैसे पहुंचेंगे।”

दिनेश शर्मा ने कहा कि यूक्रेन युद्ध हो या पश्चिम एशिया की अस्थिरता, दुनिया अनिश्चितताओं से घिरी रही है। लेकिन इन परिस्थितियों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर, सक्षम और आत्मविश्वासी बनी रही। आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में प्रतिष्ठित है। राजकोषीय घाटा नियंत्रण में है, विकास की गति बरकरार है और फिजूलखर्ची पर लगाम लगाई गई है। हमने लोकलुभावन राजनीति से दूरी रखते हुए भविष्य की पीढ़ियों पर कर्ज का बोझ न पड़े, इसका भी ध्यान रखा है। हम विकास भी करते हैं और विवेक भी रखते हैं।

उन्होंने कहा कि यह बजट संकेत देता है कि देश सिर्फ सरकारी नौकरियों पर निर्भर नहीं रहेगा, बल्कि अवसरों की अर्थव्यवस्था बनेगा। स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत किया जा रहा है, स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। युवाओं को नौकरी लेने वाला ही नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाने की दिशा में काम हो रहा है। डिजिटल भुगतान, जीएसटी, ई-मार्केटप्लेस और एमएसएमई के लिए आसान ऋण सुविधा, ये सभी कदम आर्थिक गतिविधियों को नई गति दे रहे हैं।

बजट पर चर्चा में असम से भाजपा सांसद कणाद पुरकायस्थ ने कहा कि यह बजट समावेशी विकास, व्यापक आर्थिक स्थिरता और रणनीतिक वैश्विक सहभागिता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराता है। यह ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में देश की प्रगति के लिए एक स्पष्ट रोडमैप पेश करता है।

उन्होंने कहा कि यह बजट सिर्फ आंकड़ों और आवंटनों का दस्तावेज भर नहीं है, बल्कि यह सरकार की नीयत का स्पष्ट बयान है। यह समावेशी विकास की एक सशक्त परिकल्पना है और हमारे महान राष्ट्र के सभी क्षेत्रों में संतुलित एवं न्यायसंगत विकास के प्रति भारत सरकार की अटूट प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करता है।

वहीं नागालैंड से भाजपा की राज्यसभा सांसद एस फांगनोन कोन्याक ने कहा कि नवाचार के साथ यह बजट सरकार की प्राथमिकताओं का सशक्त प्रतिबिंब है। यह न्यायसंगत विकास, सामाजिक समावेशन और भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करने की स्पष्ट दिशा प्रदान करता है। बजट प्रावधान मेरे क्षेत्र सहित देशभर के नागरिकों के जीवन को गहराई से प्रभावित करते हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 में एकीकृत वस्त्र कार्यक्रम है, जिसके लिए 1,500 करोड़ रुपये का समर्पित प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य फाइबर उत्पादन से लेकर वैश्विक बाजार तक वस्त्र मूल्य श्रृंखला के हर चरण को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि इससे नॉर्थ ईस्ट को विशेष लाभ मिलेगा। इन पहलों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि खादी, हथकरघा और हमारी समृद्ध कला एवं शिल्प की सुंदरता विश्व के हर कोने तक पहुंचे।