सपा विधायक अबू आजमी ने मुस्लिमों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

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मुंबई, 12 फरवरी (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी से विधायक अबू आजमी ने गुरुवार को कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने मुसलमानों की सुरक्षा, कानून व्यवस्था, घुसपैठ और देशभक्ति जैसे विषयों पर खुलकर बात की। उनका कहना है कि वर्तमान स्थिति में मुसलमान पूरी तरह सुरक्षित नहीं महसूस कर रहे हैं।

सपा विधायक अबू आजमी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “मुसलमान 100 प्रतिशत सुरक्षित नहीं हैं। उनकी दाढ़ी और टोपी पहनने के लिए उन्हें परेशान किया जा रहा है। उनके धार्मिक मामलों में दखल दिया जा रहा है। 2014 से सत्ता में आई सरकार ने मुसलमानों की भलाई के बारे में कभी बात नहीं की, बल्कि उनके बारे में गलतफहमियां फैलाई गई हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर ऐसी छवि बनाई है कि मुसलमान देश के दुश्मन या देशद्रोही हैं।

उन्होंने ट्रेन में लातूर जा रहे एक मुस्लिम व्यक्ति पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 से मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाई गई है। अब अच्छे लोग भी मुसलमानों के साथ भेदभाव करने लगे हैं। यह सब सत्ता में बने रहने के लिए किया गया है।

बीएमसी की मेयर रितु तावडे के ‘अवैध बांग्लादेशी रेहड़ी-पटरी वालों को हटाने’ के ऐलान पर प्रतिक्रिया देते हुए अबू आजमी ने मुसलमानों की देशभक्ति पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “आजादी के समय मुसलमानों ने कहा था कि वे देश के लिए अपनी जान देने को तैयार हैं। ‘सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा’ का नारा किसने दिया था? सेना में जब भी जरूरत पड़ी, मुसलमानों ने बॉर्डर पर कुर्बानी दी है।”

अबू आजमी ने घुसपैठ के मुद्दे पर दिल्ली सरकार को घेरते हुए कहा, “अगर हिम्मत है तो दिल्ली सरकार पहले एक्शन ले। बॉर्डर की सुरक्षा कौन करता है? सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है, विपक्ष की नहीं। उनके राज में बांग्लादेशी देश में आ रहे हैं। वे खुद पासपोर्ट और आधार कार्ड जारी कर रहे हैं। फिर भी वे ऐसा दिखावा करते हैं जैसे विपक्ष या मुसलमान बांग्लादेशियों को यहां ला रहे हैं।”

पाकिस्तान के साथ संबंधों पर उन्होंने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “जब पाकिस्तान हाथ मिलाने की बात करता है तो हम उस हाथ को क्यों नहीं तोड़ देते? ये वो हाथ हैं जो हमारे देश के अंदर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं। हम पाकिस्तान से कहीं ज्यादा मजबूत हैं।”

अबू आजमी ने कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि अब अपराधियों को कानून या सरकार से डर नहीं लगता। उन्हें लगता है कि मर्डर, चोरी, रेप या ड्रग्स जैसे अपराध करने के बाद भी रिश्वत या चार्जशीट में कमियों से बच निकल सकते हैं। रोज अपराध बढ़ रहा है।