नई दिल्ली, 12 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के अध्यक्ष अनिमुल इस्लाम 15 फरवरी को कोलंबो रवाना होंगे, जहां वह आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेले जाने वाले टी20 विश्व कप 2026 के बहुचर्चित भारत-पाकिस्तान मुकाबले का लुत्फ उठाएंगे।
अनिमुल इस्लाम ने बांग्लादेश के अखबार ‘प्रथम आलो’ से बातचीत में बताया कि इस मैच के लिए उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की ओर से निमंत्रण मिला है। उन्होंने कहा कि इस मुकाबले के दौरान एशिया की पांच प्रमुख टीमें- भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और श्रीलंका के प्रतिनिधि एक साथ मौजूद रहेंगे और आपसी संवाद भी करेंगे।
उन्होंने कहा, “आईसीसी ने निर्णय लिया है कि 15 तारीख को होने वाले भारत-पाकिस्तान विश्व कप मैच के दौरान एशिया की इन पांचों प्रमुख क्रिकेट बोर्डों के प्रतिनिधि एक साथ मैदान में मौजूद रहें, मैच देखें और आपस में बातचीत करें।”
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और बीसीबी के संबंधों में हालिया विवाद के बाद तनाव बढ़ गया था। बताया गया कि आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) से मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने के मुद्दे पर दोनों बोर्डों के बीच मतभेद उभरे थे। इसके बाद बीसीबी ने आईसीसी से कुछ मैच भारत से हटाकर श्रीलंका स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। इसके चलते बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया था।
हालांकि बाद में आईसीसी और बीसीबी के बीच सकारात्मक बातचीत हुई, खासकर तब जब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने बांग्लादेश के समर्थन में भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने का फैसला किया था। बातचीत के बाद आईसीसी ने तय किया कि टी20 विश्व कप कार्यक्रम का पालन न करने के लिए बांग्लादेश के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, जबकि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच खेलने पर सहमति जताई।
साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि 2028 से 2031 के बीच बांग्लादेश एक आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी करेगा। अनिमुल इस्लाम ने उम्मीद जताई कि यह 2028 का आईसीसी पुरुष अंडर-19 विश्व कप हो सकता है।
उन्होंने कहा कि आश्वासनों को सुनिश्चित करने के लिए बोर्ड एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) तैयार करेगा।
इस्लाम ने कहा, “हम एक लाइन-दर-लाइन समझौता करेंगे, एमओयू जैसा दस्तावेज, ताकि किसी प्रकार की अनिश्चितता न रहे।” उन्होंने बताया कि इससे पहले ढाका में एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) की वार्षिक आम बैठक के दौरान भी इसी तरह का दस्तावेज तैयार किया गया था, ताकि कोई भी पक्ष समझौते से पीछे न हट सके।

