तेलंगाना के सीएम ने हैदराबाद एयरपोर्ट के पास से हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शुरू करने की मांग की

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हैदराबाद, 12 फरवरी (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर चेन्नई, बेंगलुरु और पुणे के लिए शमशाबाद से शुरू किए जाएं, जहां हैदराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा स्थित है।

मुख्यमंत्री ने संसद भवन में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर यह प्रस्ताव रखा। उन्होंने इन कॉरिडोर के विकास के लिए एयरपोर्ट के पास 500 एकड़ जमीन देने की पेशकश भी की।

केंद्रीय बजट 2026-27 में हैदराबाद-चेन्नई (778 किमी), हैदराबाद-बेंगलुरु (586 किमी) और हैदराबाद-पुणे (556 किमी) हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि ये कॉरिडोर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास से शुरू होते हैं, तो शमशाबाद एक ‘ट्राई-जंक्शन’ के रूप में विकसित होगा, जिससे कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने रेल मंत्री से इन तीनों कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने और कार्य शीघ्र आरंभ करने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, रेल मंत्री ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

रेवंत रेड्डी ने बताया कि हैदराबाद-चेन्नई हाई-स्पीड कॉरिडोर आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती से होकर प्रस्तावित है। उन्होंने वहां से बंदरगाह (बंदर पोर्ट) तक रेल संपर्क विकसित करने का अनुरोध किया, ताकि तेलंगाना में प्रस्तावित ड्राई पोर्ट से माल ढुलाई की गति बढ़ाई जा सके।

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वह कोडंगल विधानसभा क्षेत्र (जहां से वे विधायक चुने गए हैं), टेकलकोडे और दौलताबाद को औद्योगिक क्षेत्रों के रूप में विकसित करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र कर्नाटक के कई सीमेंट उद्योगों के निकट स्थित है और यहां चूना पत्थर के भंडार भी चिह्नित किए गए हैं। इस मार्ग पर टेकलकोडे को सीमेंट और वस्त्र निर्माण उद्योग के हब के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने कृष्णा-विकाराबाद रेलवे लाइन परियोजना को पूरी तरह केंद्रीय निधि से पूरा करने की अपील की। उन्होंने याद दिलाया कि राज्य सरकार इस परियोजना से जुड़े भूमि अधिग्रहण की पूरी लागत वहन करने का आश्वासन पहले ही दे चुकी है।