नई दिल्ली, 13 फरवरी (आईएएनएस)। भारत और इजरायल कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), जलवायु नवाचार और डिजिटल बदलाव के क्षेत्र में अपने सहयोग को और मजबूत करने जा रहे हैं। शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों देशों का सहयोग खेती को मजबूत बनाने, भविष्य के लिए जरूरी कौशल तैयार करने और जिम्मेदार एआई के उपयोग जैसे असली समस्याओं के समाधान पर केंद्रित है।
नई दिल्ली स्थित इजरायल दूतावास ने घोषणा की है कि अगले सप्ताह होने वाले ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समट 2026’ में भाग लेने के लिए इजरायल से एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत आ रहा है। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय के पूर्व राजदूत और ईडीटीएस नीति समन्वयक इलान फ्लस कर रहे हैं। इस दल में सरकारी अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, शोधकर्ता और नीति विशेषज्ञ शामिल हैं, जिनका उद्देश्य एआई, जलवायु लचीलापन, ईएसजी निवेश, डिजिटल शासन और जिम्मेदार नवाचार में इजरायल-भारत सहयोग को गहरा करना है।
फ्लस ने एक बयान में कहा कि जब एआई दुनिया को बदल रहा है, तब भारत और इजरायल की जिम्मेदारी है कि वे नैतिक मूल्यों के साथ नवाचार को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी यह दिखाती है कि उन्नत तकनीक और मानवीय मूल्यों को साथ लेकर कैसे प्रगति कर सकते हैं। यह समिट दोनों देशों के रिश्तों के नए अध्याय की शुरुआत होगी।
समिट में इजरायली प्रतिनिधि एआई के जरिए जलवायु परिवर्तन से निपटने, सटीक खेती, डिजिटल ढांचे, रोजगार में बदलाव और नई तकनीकों के जिम्मेदार उपयोग जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे। साथ ही, टिकाऊ विकास के लिए नए निवेश मॉडल और सरकारी-निजी भागीदारी पर भी विचार किया जाएगा।
नई दिल्ली स्थित इजरायली दूतावास की इनोवेशन अटैची माया शेरमैन ने कहा कि भारत और इजरायल दोनों ऐसी तकनीक में विश्वास रखते हैं जो लोगों के हित में काम करे। यह समिट दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को और मजबूत करेगा।
समिट से पहले दूतावास ने शिक्षा, उद्योग और सरकार से जुड़े भारतीय और इजरायली विशेषज्ञों के बीच बातचीत बढ़ाने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए। मुख्य समिट कार्यक्रम भारत मंडपम में आयोजित होंगे। इस दौरान दूतावास भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रोपड़ (आईआईटी-रोपड़), धीरूभाई अंबानी विश्वविद्यालय और तकनीकी नीति थिंक-टैंक द डायलॉग जैसे संस्थानों के साथ मिलकर एआई और नई तकनीकों में सहयोग को और आगे बढ़ाएगा।

