भाजपा की बैठकों में राहुल गांधी को फंसाने की चर्चा होती है : नाना पटोले

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नागपुर, 13 फरवरी (आईएएनएस)। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मेंबरशिप कैंसिल करने की मांग पर कांग्रेस नेता नाना पटोले ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा की बैठकों में राहुल गांधी को फंसाने की चर्चा होती है।

नागपुर में आईएएनएस से बातचीत में कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा कि असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए भाजपा सांसद इस तरह की बातें कर रहे हैं। राहुल गांधी को टारगेट करने के लिए पहले से यह रणनीति बना ली जाती है। इसके अलावा किसी और मुद्दे पर चर्चा नहीं होती है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की बैठकों में राहुल गांधी को फंसाने पर चर्चा होती है, लेकिन राहुल गांधी का वो लोग कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे। गांधी परिवार ने इस देश के लिए शहादत दी है, पूरा देश इस बात को भलीभांति जानता है।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और शिवराज सिंह चौहान द्वारा किसानों को लेकर पीएम मोदी के नेतृत्व की तारीफ किए जाने पर कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा कि पीयूष गोयल को किसानों के बारे में कुछ पता नहीं है। वह व्यापारी आदमी हैं और व्यापारी आदमी ने व्यापार किया है, इसलिए पीयूष गोयल को किसानों के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने हिंदुस्तान के किसानों को बेच दिया है और शिवराज सिंह चौहान अपनी नौकरी बचाने में लगे हुए हैं।

‘वंदे मातरम’ पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के स्टैंड पर कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा कि मैं बस इतना जानता हूं कि भारत में रहने वाले मुसलमान देश की शान और इज्जत की इज्जत करते हैं। जिस तरह के बयान दिए जा रहे हैं, उनसे लगता है कि भाजपा से जुड़ा एक ग्रुप बन गया है। भाजपा अक्सर मामलों को हिंदू-मुस्लिम बहस में बदलकर लोगों को प्रभावित करने वाले असली मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश करती है। आपने जिस संगठन का जिक्र किया है, वह भाजपा को सपोर्ट करता है, और इसलिए वह स्वाभाविक रूप से ऐसे बयान देगा।

‘वंदे मातरम’ पर सरकार की गाइडलाइंस पर कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा कि वंदे मातरम हमारे देश का राष्ट्रीय गीत है, यह हमारे देश का गौरव है। यह एक ऐसा गीत है जो हम सभी को प्रेरित करता है। इसलिए मुझे लगता है कि जब ऐसे भाषण आते हैं तो वे गलत होते हैं। लेकिन जिस तरह से भारत सरकार ने नियम बनाए कि पहले वंदे मातरम गाया जाएगा और फिर राष्ट्रगान, ऐसा करने का कोई कारण नहीं था।