ईडी ने मैक्सिजोन चिटफंड घोटाले में दायर की चार्जशीट, निदेशकों और कंपनी पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप

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रांची, 13 फरवरी (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड सहित कई राज्यों में मैक्सिजोन चिटफंड कंपनी के नाम पर अंजाम दिए 308 करोड़ रुपए के घोटाले में चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह, उनकी पत्नी प्रियंका सिंह और मैक्सिजोन टेक प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया गया है।

पीएमएलए के तहत विशेष न्यायाधीश की अदालत में दायर चार्जशीट में करीब 500 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। ईडी ने अदालत से कथित अपराध की आय से खरीदी गई संपत्तियों को जब्त करने का अनुरोध किया है।

ईडी के मुताबिक, मैक्सिजोन किसी चिटफंड कंपनी के रूप में पंजीकृत नहीं थी। कंपनी का पंजीकरण मैक्सिजोन टेक प्राइवेट लिमिटेड के नाम से हुआ था। आधिकारिक तौर पर इसका मुख्य कार्य विपणन बताया गया था।

आरोप है कि इसके बावजूद कंपनी ने कम समय में अधिक मुनाफा देने का झांसा देकर आम लोगों से धन जुटाना शुरू कर दिया। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए 15 से 20 प्रतिशत तक रिटर्न का वादा किया गया। इस लालच में बड़ी संख्या में लोग जुड़े। इनमें अधिकतर निम्न आय वर्ग के लोग शामिल थे।

जांच एजेंसी के मुताबिक, कंपनी ने सैकड़ों करोड़ रुपए एकत्र किए। बाद में विभिन्न स्थानों पर स्थित अपने कार्यालय बंद कर दिए गए और इसके निदेशक फरार हो गए।

ईडी ने चंद्रभूषण सिंह को अंतरराज्यीय ठग बताया है। वह बिहार के वैशाली जिले का निवासी है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपने गृह जिला वैशाली में भी निम्न आय वर्ग के लोगों से ठगी की।

फरारी के दौरान उसने कथित तौर पर अपना नाम बदलकर दीपक सिंह रख लिया। नए नाम से फर्जी दस्तावेज बनवाए। नोएडा में रहने लगा। अगस्त 2025 में नोएडा पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। ईडी ने जमशेदपुर के साकची थाना में दर्ज प्राथमिकी को आधार बनाते हुए जांच शुरू की।

सितंबर 2025 में दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, वाराणसी, देहरादून और वैशाली में कई ठिकानों पर छापेमारी की गई। प्रारंभिक कार्रवाई के आधार पर 4 दिसंबर 2025 को दोबारा तलाशी अभियान चलाया गया।