डिब्रूगढ़, 14 फरवरी (आईएएनएस)। असम के डिब्रूगढ़ में इंटरनेशनल मिलिट्री एडवेंचर चैलेंज कप 2026 की शुरुआत के साथ विदेशी सैन्य टीमों का जोरदार स्वागत किया गया।
14 फरवरी 2026 को डिब्रूगढ़ एयरपोर्ट पर पहुंचने वाली इन टीमों का भारतीय सेना के प्रतिनिधियों ने गर्मजोशी और सम्मान के साथ स्वागत किया। इस औपचारिक स्वागत से इस बहुराष्ट्रीय सैन्य साहसिक प्रतियोगिता में उनकी भागीदारी की शुरुआत हुई।
टीमें एयरपोर्ट पहुंचने के बाद एक पारंपरिक सांस्कृतिक स्वागत समारोह में शामिल हुईं। इस समारोह में स्थानीय संस्कृति और मेहमाननवाजी की झलक दिखाई गई। यह स्वागत न केवल असम की समृद्ध विरासत को दर्शाता है, बल्कि सभी भाग लेने वाले देशों के बीच सद्भावना, सम्मान और सैन्य भाईचारे का प्रतीक भी है।
स्वागत समारोह के बाद सभी टीमों को एडवेंचर विलेज ले जाया गया। यह पूर्वी हिमालय में स्थित इंटरनेशनल मिलिट्री एडवेंचर चैलेंज कप 2026 का मुख्य केंद्र है। यहां एक औपचारिक स्वागत समारोह के साथ टीमों की आधिकारिक एंट्री हुई। इस समारोह में सहयोग, साझा व्यावसायिक मूल्य और आपसी विश्वास पर जोर दिया गया। यह प्रतियोगिता देशों के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करने का महत्वपूर्ण मंच है।
इस प्रतियोगिता में ब्राजील, भूटान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, नेपाल, सऊदी अरब और श्रीलंका की सैन्य टीमें हिस्सा ले रही हैं। इसके अलावा भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना, भारतीय तटरक्षक बल और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की टीमें भी शामिल हैं। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना, आपसी तालमेल मजबूत करना और ऊंचाई वाले कठिन इलाकों में होने वाली साहसिक चुनौतियों के जरिए सहनशक्ति, नेतृत्व क्षमता और टीमवर्क को बढ़ावा देना है।
यह स्वागत समारोह आगे होने वाली प्रतियोगिता के लिए उत्साहपूर्ण माहौल तैयार करता है। इसमें भाग लेने वाले सभी देशों के सैन्य पेशेवरों की उत्कृष्टता और साझा प्रतिबद्धता को फिर से मजबूत किया गया। इस आयोजन से न केवल सैन्य क्षमता का प्रदर्शन होगा, बल्कि विभिन्न देशों के बीच दोस्ती और विश्वास भी गहरा होगा। डिब्रूगढ़ में यह आयोजन पूर्वोत्तर भारत की सैन्य और सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने लाने का एक शानदार अवसर है।

