नई दिल्ली, 14 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और नेशनल इंफॉरमैटिक्स सेंटर के सहयोग से नागरिकों के लिए ट्रैफिक चालानों का तेजी और आसानी से निपटारा करने हेतु एक विशेष “डिजिटल लोक अदालत” एप्लिकेशन लॉन्च किया है।
इस एप्लिकेशन का ई-उद्घाटन दिल्ली हाई कोर्ट के जज न्यायमूर्ति वी कामेश्वर राव और कार्यकारी अध्यक्ष, दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने वरिष्ठ दिल्ली पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में किया।
पहले नागरिकों को लोक अदालतों में निपटाए गए नोटिस/चालानों के अपडेट में काफी देरी का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को दूर करने के लिए डिजिटल लोक अदालत विकसित की गई है, जो प्रक्रिया को सुगम, तेज और पारदर्शी बनाती है। डिजिटल लोक अदालत एप्लिकेशन से नागरिक अब चालान डेटा तक एकीकृत और रीयल-टाइम एक्सेस प्राप्त कर सकेंगे।
निपटाए गए चालानों की स्थिति के बारे में एसएमएस नोटिफिकेशन सीधे वाहन मालिक को भेजा जाएगा। इसके अलावा, वर्चुअल कोर्ट सिस्टम के साथ एकीकृत होने के कारण अपडेट्स सभी प्लेटफॉर्म पर स्वतः दिखाई देंगे, जिससे काम की पुनरावृत्ति और देरी कम होगी। कोर्ट प्रक्रियाओं को भी सरल बनाया गया है, क्योंकि चालान/नोटिस की जानकारी सीधे एप्लिकेशन में दिखाई देगी, जिससे मैन्युअल डेटा एंट्री की गलतियां कम होंगी।
इस प्रणाली से लंबित ट्रैफिक चालानों के बैकलॉग में कमी, वाहन मालिकों के लिए तेज निपटारा, मैन्युअल प्रक्रिया, त्रुटियों में कमी, और लोक अदालत की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित होने की उम्मीद है। डिजिटल लोक अदालत का सफलतापूर्वक कार्यान्वयन किया गया है और इसे वर्तमान में स्पेशल लोक अदालत में लागू किया जा रहा है।
वर्तमान लोक अदालत में कुल 1,92,444 चालान/नोटिस निपटारे के लिए डाउनलोड किए गए हैं, और इनका निपटारा एक साथ किया गया। चालानों की स्थिति की जानकारी वाहन मालिकों को एसएमएस के माध्यम से भेजी गई है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि वह स्मार्ट और तकनीक-आधारित समाधानों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि सड़क सुरक्षा बेहतर हो, सेवाओं की डिलीवरी सुधरे और नागरिकों को सुविधाजनक सार्वजनिक सेवाएं मिलें।

