गुवाहाटी, 14 फरवरी (आईएएनएस)। असम जातीय परिषद (एजेपी) के अध्यक्ष लुरिनज्योति गोगोई ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मोरान में आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) के उद्घाटन का स्वागत करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा राजनीतिक विचारों से ऊपर होनी चाहिए।
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस सुविधा के उद्घाटन पर प्रतिक्रिया देते हुए गोगोई ने कहा कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता के हित में उठाया गया कोई भी कदम समर्थन के योग्य है।
उन्होंने कहा कि मेरे लिए देश सर्वोपरि है और सुरक्षा सर्वोपरि है। भारत की रक्षा तैयारियों को मजबूत करने के लिए किए गए किसी भी कार्य का समर्थन किया जाना चाहिए, चाहे सत्ता में कोई भी हो।
उनका यह बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के रुख से अलग है, जिन्होंने पहले मोरान में आपातकालीन लैंडिंग सुविधा परियोजना पर आपत्ति जताई थी।
कांग्रेस नेता का नाम लिए बिना, गोगोई ने कहा कि रक्षा अवसंरचना को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि रक्षा अवसंरचना का राजनीति या दलों से कोई लेना-देना नहीं है। इसका संबंध देश की सुरक्षा और संकट के समय तैयारियों को सुनिश्चित करने से है। ऐसे मामलों को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर रखना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को डिब्रूगढ़ जिले के मोरान बाईपास पर आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (ईएलएफ) का उद्घाटन किया, जो पूर्वोत्तर में इस तरह की पहली सुविधा है।
ईएलएफ को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि भारतीय वायु सेना आपात स्थिति में लड़ाकू विमानों और परिवहन विमानों को उतार सके और उनका संचालन कर सके, जिससे पूर्वी क्षेत्र में रक्षा तैयारियों में काफी वृद्धि होगी।
सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि असम की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से निकटता और पूर्वोत्तर में इसकी भूमिका को देखते हुए मोरान ईएलएफ रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
इस सुविधा से आपदा राहत, आपातकालीन अभियानों और रक्षा बलों की त्वरित तैनाती में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।
गोगोई ने कहा कि असम को देश के रक्षा अवसंरचना में योगदान देने पर गर्व होना चाहिए।

