बेंगलुरु, 14 फरवरी (आईएएनएस)। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने केंद्र द्वारा विशिष्ट योजनाओं के लिए जारी किए गए विशेष अनुदान को अन्य परियोजनाओं और विभागों में मनमाने ढंग से इस्तेमाल किया, जबकि उसे ऐसा करने का अधिकार नहीं था।
शनिवार को बेंगलुरु स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय, जगन्नाथ भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए विजयेंद्र ने दावा किया कि उनके पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार और संबंधित विभागों ने धनराशि का उचित उपयोग नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वित्त विभाग के दबाव में केंद्र को एक फर्जी उपयोग प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया था।
उन्होंने केंद्र द्वारा विशेष अनुदान के रूप में जारी किए गए 1,323.96 करोड़ रुपए के दुरुपयोग का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री से स्पष्टीकरण मांगा कि क्या धनराशि के लिए कोई फर्जी उपयोग प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया था। संबंधित दस्तावेज जारी करते हुए उन्होंने पूछा कि यह पैसा कहां स्थानांतरित किया गया है?
विजयेंद्र ने कहा कि 1 जुलाई, 2025 को वित्त विभाग ने पूंजी निवेश के लिए उक्त राशि जारी की थी। कर्नाटक लघु सिंचाई विभाग को केंद्र को उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना था, जिसमें यह प्रमाणित किया गया हो कि निधि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए किया गया है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि वित्त विभाग के दबाव में कृष्णा भाग्य जल निगम और विश्वेश्वरैया जल निगम ने भी इसी तरह के उपयोगिता प्रमाण पत्र जारी किए हैं। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि अनुदान ब्याज-मुक्त था और विशिष्ट उद्देश्यों के लिए निर्धारित था।
वाल्मीकि विकास निगम घोटाले का जिक्र करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि उनके विचार में, सैकड़ों करोड़ रुपए पड़ोसी राज्य तेलंगाना को मुख्यमंत्री की जानकारी या अनुमोदन के बिना हस्तांतरित नहीं किए जा सकते थे, जिनके पास वित्त मंत्रालय का प्रभार भी है।
उन्होंने बताया कि हजारों फर्जी खातों के खुलने के मामले में जांच चल रही है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर धन की हेराफेरी के लिए किया गया था, और संबंधित मंत्री ने इस मामले के संबंध में इस्तीफा दे दिया है।

