‘सब कुछ शिव है, बाकी सब शव,’ श्री श्री रवि शंकर ने बताया महाशिवरात्रि का महत्व

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बेंगलुरु, 15 फरवरी (आईएएनएस)। हर साल की तरह बेंगलुरु में आर्ट ऑफ लिविंग अंतरराष्ट्रीय केंद्र पर महाशिवरात्रि के मौके पर भव्य आयोजन होने वाला है, जिसमें भारतीय सिनेमा के सेलेब्स और विदेशों से आए लोग शामिल होंगे।

माना जा रहा है कि 180 देशों के भक्त एक ही स्थान पर एकत्रित होंगे और साथ मिलकर ‘रुद्र होम’ अनुष्ठान करेंगे। इसी कड़ी में फाउंडेशन के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर ने महाशिवरात्रि का महत्व बताते हुए इसे आंतरिक शुद्धि का दिन बताया है।

महाशिवरात्रि का महत्व बताते हुए श्री श्री रवि शंकर ने आईएएनएस से कहा, “साल में 12 शिवरात्रि होती है, लेकिन माघ में पड़ने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है। आज के दिन दुनियादारी की बातों को पीछे छोड़कर शिव तत्व में विलीन हो जाएं, शिव की पूजा करें और मन से शिव का जाप करें। इससे मानव जीवन का उद्धार हो जाएगा। भगवान शिव भोले-भंडारी हैं और उनसे जो कुछ मांगो वो आसानी से मिल जाता है, तो बिना किसी दिखावे के सिर्फ शिव का नाम लें। शिव के अलावा इस ब्रह्मांड में कुछ नहीं है। सब कुछ शिव है, बाकी सब शव है।”

श्री श्री रवि शंकर ने महाशिवरात्रि पर ध्यान के महत्व पर जोर दिया। उनका कहना है कि आज के समय में लोग तनाव और आशंकाओं से भरे हैं; मन में कई सवाल हैं कि कुछ हो पाएगा या नहीं। ऐसे में ध्यान अंतर-मन में बैठे शिव से मिलन का जरिया है। सिर्फ महाशिवरात्रि ही नहीं, बल्कि रोज अध्यात्म के जरिए शिवतत्व से जुड़े और अपने अंदर की परेशानियों को शिव को समर्पित कर दें। कीर्तन करें, मंत्रों का जाप करें, और मंत्र सुनने से भी मन को शांति मिलती है।

उन्होंने आगे कहा, “महाशिवरात्रि पर हमारे यहां सोमनाथ मंदिर के अवशेषों का रुद्राभिषेक होगा। पहले हमारे पास 2 अवशेष थे, लेकिन आज बारह हैं, और दूर-दूर से लोग शाम को होने वाले अभिषेक में हिस्सा लेने के लिए आ रहे हैं।”