तेलंगाना: निगम चुनावों में जन सेना पार्टी ने जीतीं दो सीटें, पवन कल्याण बोले- यह तो बस पहला कदम है

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हैदराबाद, 15 फरवरी (आईएएनएस)। तेलंगाना में हाल ही में संपन्न नगर निगम चुनावों में दो सीटों पर जीत दर्ज कर जन सेना पार्टी ने राज्य की राजनीति में अपनी उपस्थिति का संकेत दिया है। पार्टी अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने रविवार को इसे उस भूमि पर पहला कदम बताया, जहां पार्टी की विचारधारा ने आकार लिया था।

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने निर्वाचित पार्षद अरुरी विजयलक्ष्मी और अग्गु सागर को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत भविष्य में पार्टी के विस्तार की मजबूत नींव साबित होगी।

जन सेना पार्टी ने 332 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से एक नगरपालिका और एक नगर निगम में उसे एक-एक सीट पर सफलता मिली। अरुरी विजयलक्ष्मी नलगोंडा जिले की नेरेदुचार्ला नगरपालिका के एक वार्ड से चुनी गई हैं, जबकि अग्गु सागर मंचेरियल नगर निगम में पार्षद निर्वाचित हुए हैं।

पवन कल्याण ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि छोटा सा बीज भी समय के साथ विशाल वृक्ष बनता है और यही पार्टी की आगे की रणनीति का आधार होगा।

पार्टी के तेलंगाना इकाई नेताओं के अनुसार, जन सेना के उम्मीदवार पांच स्थानों पर दूसरे और 47 वार्डों में तीसरे स्थान पर रहे। उनका दावा है कि जिन वार्डों में चुनाव लड़ा गया, उनमें से 16 प्रतिशत यानी 54 वार्डों में पार्टी ने शीर्ष तीन दलों में से किसी एक से बेहतर प्रदर्शन किया। राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस, विपक्षी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रमुख राजनीतिक ताकतें हैं।

जन सेना राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा है, जबकि आंध्र प्रदेश में वह तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) और भाजपा के साथ सत्ता साझा कर रही है, हालांकि तेलंगाना में भाजपा द्वारा किसी दल से गठबंधन न करने की घोषणा के बाद जन सेना ने अकेले चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया।

11 जिलों के वार्डों में चुनाव लड़ते हुए पार्टी की ओर से मैदान में उतारे गए उम्मीदवारों की अधिकतम संख्या निजामाबाद जिले में 48 थी, उसके बाद नालगोंडा में 46, महबूबनगर में 44 और आदिलाबाद में 39 उम्मीदवार थे।

चुनाव प्रचार के दौरान पवन कल्याण का दौरा स्वास्थ्य कारणों से रद्द हो गया था, जिससे राजनीतिक अटकलें भी लगीं। इससे पहले तेलंगाना से जुड़ी उनकी कुछ टिप्पणियों को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। बावजूद इसके, जन सेना ने चुनावी मैदान में अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए भविष्य में संगठन को मजबूत करने का संकेत दिया है।