अग्नि घोड़ा वर्ष में खपत केंद्रित व्यवस्था के बढ़ने की उम्मीद

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बीजिंग, 15 फरवरी (आईएएनएस)। चीन का नववर्ष इस बार 17 फरवरी को शुरू हो रहा है, जो पांच फरवरी 2027 तक चलेगा। चीनी परंपरा के अनुसार हर बारह साल बाद आ रहे इस वर्ष को फायर ऑफ हार्स यानी अग्नि घोड़ा साल कहा जा रहा है। चीनी परंपरा के अनुसार, अग्नि घोड़ा तेज बदलाव, तीव्र चाल, ताकत, उम्मीद और उत्साह का प्रतीक माना जाता है। चूंकि इस बार अग्नि घोड़ा का साल है, लिहाजा चीन में उम्मीद जताई जा रही है कि इस साल यहां तेज आर्थिक विकास होगा।

दुनिया में आमतौर पर जो कैलेंडर लागू है, उसे ग्रेगोरियन कैलेंडर कहा जाता है। लेकिन चीन का अपना लूनर यानी चंद्र कैलेंडर है। चीन में नववर्ष की शुरुआत बसंत यानी स्प्रिंग से होती है। चीन को पता था कि साल 2026 का साल अग्नि घोड़ा यानी तेज बदलाव का प्रतीक होगा। चीन में इस बार नववर्ष यानी स्प्रिंग फेस्टिवल के लिए नौ दिनों की छुट्टियां हैं। लिहाजा माना जा रहा है कि इन छुट्टियों में चीन के लोग खूब जमकर खरीददारी करेंगे, खाएंगे और पिएंगे। इसके जरिए खपत बढ़ेगी और इस तरह चीन की अर्थव्यवस्था में नई गति आएगी। स्प्रिंग फेस्टिवल में एक तरफ जहां चीन की पारंपरिक और पुरानी संस्कृति का जादू सिर चढ़कर बोलता है, तो वहीं लोग अपने घर की खूब साफ-सफाई करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे बुराई दूर होती है।

इसके साथ ही घर-परिवार एवं दोस्तों के साथ मिलन और खुशियां बांटने की भी खूब कोशिश होती है। इस दौरान पूरा परिवार इकट्ठा होता है और दावत का आयोजन करता है। इस दौरान डंपलिंग्स, मछली, मुर्गा, आदि खूब पकाया-खाया जाता है। इस दौरान लाल लालटेन से घरों को सजाया जाता है। दरवाजे पर लाल रंग के कपलेट्स चिपकाए जाते हैं। लाल रंग के लिफाफे में पैसे या उपहार बांटे जाते हैं। चीन में माना जाता है कि लाल रंग खुशी और किस्मत का प्रतीक है। चीन के स्प्रिंग फेस्टिवल में सड़कों पर शेर नाच और ड्रैगन डांस का आयोजन होता है। लोग खुद इसमें हिस्सा लेते हैं। इस दौरान जमकर आतिशबाजी भी होती है।

चीन में मान्यता है कि पटाखे फोड़ने से बुरी आत्माएं और बुरे विचार भाग जाते हैं। इस दौरान लोग मंदिर भी जाते हैं, वहां धूप-अगरबत्ती जलाते हैं और नए साल के मंगल होने की कामना करते हैं। चीन में अग्नि घोड़े को चीनी भाषा के स्थानीय मुहावरे मा दाओ चेंग गोंग से जोड़ा जाता है, जिसका मतलब है “तुरंत सफलता” या “घोड़े के आने पर सफलता मिलना।” भारत के होली और दीपावली जैसे स्प्रिंग फेस्टिवल में युवाओं का जोर पारंपरिक पोशाक जैसे “चाइना चिक” (गुओचाओ) आदि को पहनने पर होता है, इसलिए इनकी खरीद में इन दिनों उछाल देखा जा रहा है। स्प्रिंग उत्सव में एक तरफ युवा जहां पारंपरिक कपड़ों जैसे हानफू और सांस्कृतिक विरासत को अपनाने के लिए आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, उदाहरण वहीं दूसरी तरफ इस दौरान हाई-पोल लायन डांस प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। यह प्रतियोगिता इन दिनों खूब लोकप्रिय है।

चीन सरकार के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2026 तक, बाजार “कंजम्पशन 4.0,” यानी खपत-चार के दौर की ओर बढ़ रहा है, जहां ट्रैवल, कल्चरल एक्सपीरियंस और हाई-क्वालिटी डाइनिंग पर खर्च ट्रेडिशनल रिटेल से ज़्यादा हो रहा है। कंज्यूमर इमोशनल वेल-बीइंग और क्वालिटी ऑफ़ लाइफ को प्राथमिकता दे रहे हैं। चीन का स्प्रिंग उत्सव पर्यटन की दुनिया का सबसे ज्यादा व्यस्त समय माना जाता है। इस दौरान लाखों लोग फैमिली रीयूनियन के लिए ट्रैवल करते हैं। इस साल, चीन में वर्कर्स डोमेस्टिक कंजम्पशन बढ़ाने के लिए नौ दिन की छुट्टी मना रहे हैं। इस आयोजन से आंतरिक पर्यटन में तेज विकास को गति मिलती है। चीन इसे बढ़ावा देने के लिए वीज़ा-फ्री पॉलिसी की ओर आगे बढ़ रहा है। चीन ने अब तक 77 देशों को वीजा से मुक्त कर दिया है। इसकी वजह से, इनबाउंड टूरिज्म में काफी बढ़ोतरी हुई है, और इंटरनेशनल ट्रैवलर कल्चरल नज़ारे का एक्सपीरियंस करने के लिए चीन आ रहे हैं।

माना जा रहा है कि अग्नि घोड़ा साल में उद्योगों, मसलन, टेक्नोलॉजी, टूरिज्म और क्रिएटिव इंडस्ट्रीज, इस साल अच्छा परफॉर्म करेंगे।

चीन का स्प्रिंग फेस्टिवल जहां चीन की आर्थिक गति को तेज कर रहा है, वहीं स्थानीय स्तर पर तेज आर्थिक विकास ला रहा है। ऐसे में अग्नि घोड़े से उम्मीद क्यों ना पालें?

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)