31 मार्च, 2026 तक हम पूरे देश को माओवादी हिंसा से मुक्त कराने में सफल होंगे : अमित शाह

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नई दिल्ली, 16 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 11 राज्यों में फैले माओवादी विद्रोह को आंतरिक सुरक्षा के लिए एक दीर्घकालिक खतरा बताया है। उन्होंने सोमवार को दिल्ली पुलिस के 79वें स्थापना दिवस पर ये बात कही।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “लेकिन आज, दिल्ली की जनता के माध्यम से, मैं पूरे देश को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हम माओवादी हिंसा को समाप्त करने के बेहद करीब हैं। मैं अपने देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि 31 मार्च, 2026 तक हम पूरे देश को माओवादी हिंसा से मुक्त कराने में सफल होंगे। यह हमारी सुरक्षा बलों द्वारा हासिल की गई एक महत्वपूर्ण सफलता है।”

पूर्वोत्तर में हो रहे घटनाक्रमों के बारे में बात करते हुए शाह ने कहा कि 10,000 से अधिक युवाओं ने हथियार डाल दिए हैं और मुख्यधारा में लौट आए हैं। उन्होंने कहा, “20 से अधिक शांति समझौतों के माध्यम से वहां स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।”

उन्होंने आगे कहा, “हालांकि, आने वाला समय चुनौतियों से भरा है। गृह मंत्रालय ने देश में एक सशक्त मादक पदार्थ विरोधी अभियान शुरू करने, एक व्यापक सीसीटीवी नेटवर्क और नियंत्रण कक्ष प्रणाली स्थापित करने, कानूनी सहायता प्रदान करने, सीमा सुरक्षा का आधुनिकीकरण करने, घुसपैठ रोकने और तीनों नए न्यायिक संहिताओं को पूरी तरह से लागू करने पर ध्यान केंद्रित किया है। मुझे विश्वास है कि हम 2029 से पहले इन सभी चुनौतियों का प्रभावी ढंग से समाधान करने में सफल होंगे।”

पुलिस बल की प्रशंसा करते हुए शाह ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने राजधानी और राष्ट्र दोनों की रक्षा करने में लगातार अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया है।

अमित शाह ने कहा, “संसद पर हमले की घटना हो या लाल किले के सामने हुई हालिया घटना की, दिल्ली पुलिस ने अपनी दक्षता और तत्परता से जटिल मामलों को सुलझाकर राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित की है। आज स्थापना दिवस के अवसर पर, मैं दिल्ली पुलिस के सभी अधिकारियों और कर्मियों तथा उनके परिवारों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।”

दिल्ली पुलिस की स्थापना ब्रिटिश शासन के दौरान 1861 में एक सुरक्षा बल के रूप में की गई थी। 16 फरवरी, 1948 को इसका आधिकारिक रूप से नाम बदलकर दिल्ली पुलिस कर दिया गया।