कांग्रेस मुक्त हुई विधान परिषद, सपा ऐसा कार्य न करे कि विधानभवन मुक्त होना पड़ेः मुख्यमंत्री योगी

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लखनऊ, 16 फरवरी (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को विधान परिषद में कांग्रेस व समाजवादी पार्टी के नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने विधान परिषद की मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी के सदस्यों से कहा कि कांग्रेस से सबक ले लीजिए। कांग्रेस विधान परिषद विहीन हो गई है। यदि सपा को भी विधानसभा व परिषद विहीन होना है तो अनर्गल प्रलाप और महापुरुषों का अपमान करे। अन्यथा ऐसा आचरण न करें, जो समाज में विद्वेष की स्थिति पैदा करता है।

सीएम योगी ने विपक्षी दलों के सदस्यों से अनुरोध किया कि यूपी की नई पहचान को संकट में मत डालिए। प्रदेश के विकास की यात्रा के साथ बढ़ने के लिए जिम्मेदार विपक्ष के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन करेंगे तो प्रदेश की जनता आपको सम्मानित करेगी।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को सभी सेक्टर में अच्छी सफलता प्राप्त हुई है। प्रदेश और देश में जब टीमवर्क से काम होता है, तब परिणाम आता है। आज हर तबके (गांव, गरीब, युवा, महिला, किसान, हस्तशिल्पी) के मन में विश्वास है और यह विश्वास हर सेक्टर में दिख रहा है। आज यूपी में कानून का राज है, अपराधी भयभीत हैं, गरीब को सम्मान है, किसान खुशहाल हैं, महिलाओं को सुरक्षा की गारंटी है, युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर हैं, हर गांव में बिजली है और हर हृदय में गर्व है। यूपी फिर से रामराज्य की आधारभूमि के रूप में नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने जनकल्याण, रोजगार सृजन, निवेश विस्तार के साथ ही सामाजिक सुरक्षा के माध्यम से सशक्त, सुरक्षित व समृद्ध प्रदेश के रूप में अपनी नई पहचान को बनाया है। हमारा लक्ष्य प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप 2029-30 में यूपी को वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी के रूप में स्थापित करना है। हमने बजट भी उस दिशा में ही प्रस्तुत किया है।

उन्होंने कहा कि बजट के बारे में समाजवादी पार्टी अच्छा नहीं बोल पाई, क्योंकि अच्छा करने के लिए उनके पास समय नहीं है। उन्होंने न अच्छा किया और न ही अच्छा बोलेंगे। हमारी सरकार ने डबल इंजन सरकार का लाभ लेते हुए पूरी मजबूती के साथ प्रदेश में प्रधानमंत्री के विजन को बढ़ाया है। सीएम ने कहा कि बहुत सारे सेक्टर हैं, जिनमें ये लोग गुमराह कर रहे हैं।

सीएम योगी ने संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विपक्षी दलों के भाव की निंदा की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता बयानों से जातीय संघर्षों को बढ़ावा देते हैं। समाज को आपस में लड़ाने, आस्था का अपमान, गुंडागर्दी व अराजकता को बढ़ाने के साथ संवैधानिक मूल्य पर भी प्रहार करने में नहीं चूक रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदेश में एसआईआर की कार्यवाही चल रही है। इसमें सरकारों की कोई भूमिका नहीं होती है। आयोग की गाइडलाइन पर तंत्र उसका अनुपालन करता है। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर की कार्यवाही का जिक्र करते हुए सदन में बताया कि 2.88 करोड़ से अधिक लोग अनुपस्थित/मृत या शिफ्टिंग हैं। समाजवादी पार्टी इन्हें जबरदस्ती वोट बनाकर फर्जी पोलिंग करती थी। सपा चिल्ला रही है कि फॉर्म-7 के नाम पर फर्जी काम हो रहा है। सीएम ने आयोग द्वारा बनाई गई फॉर्म-6, फॉर्म-7 व फॉर्म-8 की व्यवस्था की उपयोगिता बताई।

उन्होंने कहा कि सपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता एसआईआर की प्रक्रिया से जुड़े बीएलओ और अन्य लोगों के साथ दुर्व्यवहार व मारपीट कर रहे हैं, यह शोभा नहीं देता। यह संवैधानिक संस्थाओं की अवहेलना, मजाक और अपमान है। अगर हम संविधान की शपथ लेते हैं तो संवैधानिक संस्थाओं को सम्मान दें। संवैधानिक संस्थाओं की परिभाषा अपने अनुरूप तय करें, यह अस्वीकार्य है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश के अंदर अब शिक्षा व स्कूलों की स्थिति बेहतर हुई है। बेसिक शिक्षा में ऑपरेशन कायाकल्प, श्रमिकों व निराश्रित बच्चों के लिए विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ अटल आवासीय विद्यालय समेत यूपी ने बहुत सारे मॉडल प्रस्तुत किए हैं। हर जनपद में दो-दो सीएम कंपोजिट विद्यालय स्वीकृत किए गए हैं। हमारा प्रयास है कि इसकी नेटवर्किंग को न्याय पंचायत स्तर तक फैलाकर प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं तक के बच्चों को एक कैंपस में बेहतरीन इंफ्रास्ट्राक्चर के साथ पढ़ने की सुविधा उपलब्ध हो।

उन्होंने कहा कि एडेड-गवर्नमेंट कॉलेज और प्रोजेक्ट अलंकार के तहत माध्यमिक शिक्षा को पर्याप्त मात्रा में धनराशि उपलब्ध कराई गई है। टाटा टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर 150 आईटीआई और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (एआई, ड्रोन, रोबोटिक) समेत इन सभी में प्रदेश ने कार्य प्रारंभ किया है। राजकीय व निजी क्षेत्र में भी लगभग 75 विश्वविद्यालय कार्य कर रहे हैं, जो यह उच्च शिक्षा के बेहतरीन केंद्र बनकर उभरे हैं।