केरल चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव, राहुल गांधी करेंगे राज्यव्यापी प्रचार

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तिरुवनंतपुरम, 16 फरवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य और पार्टी की कैंपेन कमेटी के चेयरमैन रमेश चेन्निथला ने सोमवार को कहा कि राहुल गांधी आगामी केरल विधानसभा चुनाव में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के प्रचार अभियान में सक्रिय और निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) मुख्यालय, तिरुवनंतपुरम में पहली समिति बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मीडिया से बातचीत में चेन्निथला ने बताया कि राहुल गांधी के राज्यव्यापी कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली से निर्वाचन आयोग के अधिकारी अगले सप्ताह दो दिनों के लिए राज्य की राजधानी पहुंचेंगे।

चेन्निथला ने यह भी बताया कि विपक्ष के नेता वीडी सतीशन के नेतृत्व में निकाली गई यात्रा को अभूतपूर्व जनसमर्थन मिला है और यह राज्य सरकार के खिलाफ “जनभावना” का बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन बन गई है। उन्होंने कहा कि यात्रा के समापन समारोह, जो 7 मार्च को तिरुवनंतपुरम में प्रस्तावित है, में शामिल होने के लिए राहुल गांधी को औपचारिक आमंत्रण भेजा गया है और पार्टी को उनके आने की उम्मीद है।

यूडीएफ के चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए चेन्निथला ने कहा कि पिछले एक दशक से सत्ता से बाहर रहने के बावजूद गठबंधन ने राज्यभर में अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट रखते हुए लगातार चुनावी सफलताएं हासिल की हैं। उन्होंने दावा किया कि यूडीएफ ने चेलक्कारा को छोड़कर सभी विधानसभा उपचुनाव जीते, लोकसभा चुनाव में 20 में से 18 सीटों पर कब्जा किया और हालिया पंचायत चुनावों में भी शानदार प्रदर्शन किया।

उन्होंने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर आरोप लगाया कि उन्होंने लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप इन जीतों को स्वीकार नहीं किया। इसके बजाय, उन्होंने राज्य की एलडीएफ सरकार पर सार्वजनिक धन से करोड़ों रुपये खर्च कर “भ्रामक प्रचार” करने का आरोप लगाया।

चेन्निथला ने दोहराया कि केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड द्वारा बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ऊंची ब्याज दरों पर जुटाई गई राशि का उपयोग विज्ञापन और राजनीतिक प्रचार के लिए किया जा रहा है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में यूडीएफ की सरकार बनती है तो सार्वजनिक धन के दुरुपयोग की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

आगामी केरल विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस अब राहुल गांधी के नेतृत्व में आक्रामक प्रचार अभियान और राज्य सरकार की वित्तीय व प्रशासनिक नीतियों पर लगातार हमलों के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। पार्टी इस मुकाबले को “जनादेश बनाम सरकारी प्रचार” के रूप में पेश कर रही है।