हैदराबाद, 16 फरवरी (आईएएनएस)। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने सोमवार को तेलंगाना में नगरपालिकाओं के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के चुनाव के दौरान सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी की अलोकतांत्रिक कार्रवाइयों और बीआरएस नेताओं पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की।
उन्होंने कहा कि यह बेहद निंदनीय है कि सरकार और पुलिस बल गुंडों की तरह व्यवहार कर रहे हैं।
एक बयान में, उन्होंने सांसदों और विधायकों द्वारा जनता के निर्वाचित प्रतिनिधियों के अपहरण के प्रयासों और विभिन्न स्थानों पर किए गए हमलों पर आक्रोश व्यक्त किया।
केटीआर ने राज्य भर के थोरूर, जंगांव, कायतानापल्ली और कागजनगर जैसे कई कस्बों में पुलिस की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी ने कई कस्बों में उम्मीदवारों के अपहरण का प्रयास किया और कहा कि यह कांग्रेस के ‘गुंडा राज’ को दर्शाता है। उन्होंने इस बात पर आक्रोश व्यक्त किया कि अधिकारियों और पुलिस ने स्वयं सत्ताधारी दल के नेताओं के साथ मिलकर चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया।
बीआरएस नेता ने इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई कि मंत्री और विधायक स्वयं अवैध तरीकों से अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पदेन सदस्यों के नाम पर फर्जी वोट दर्ज करना लोकतंत्र पर कलंक है।
केटीआर ने नगरपालिकाओं के अध्यक्षों के चयन में हुई ‘अत्याचार’ की घटनाओं को उजागर किया। उन्होंने इस बात पर आक्रोश व्यक्त किया कि कांग्रेस नेताओं ने कई स्थानों पर पुलिस बल का दुरुपयोग करते हुए बीआरएस नेताओं को धमकाया और उन पर हमले किए।
बीआरएस नेता ने कई शहरों में पूर्व पार्टी मंत्रियों, विधायकों, वरिष्ठ पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर ‘कांग्रेसी गुंडों’ द्वारा किए गए हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि हमलों को रोकने में पुलिस की निष्क्रियता दर्शाती है कि राज्य में कानून व्यवस्था कितनी बिगड़ चुकी है।
उन्होंने मांग की कि राज्य के डीजीपी इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें और कांग्रेस पार्टी के पक्ष में काम कर रहे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

