चिक्कमगलुरु, 17 फरवरी (आईएएनएस)। कर्नाटक के चिक्कमगलुरु शहर के विजयनगर इलाके में मंगलवार को तनाव की स्थिति पैदा हो गई। आरोप है कि एक खास समुदाय के घर पर पिछले एक हफ्ते से दूसरे समुदाय के कुछ युवक लगातार पत्थर फेंक रहे थे। इस मामले में पुलिस ने मंगलवार को दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की है।
इस घटना को लेकर अब राजनीति तेज हो गई है। भाजपा ने चेतावनी दी है कि अगर पत्थर फेंकने वालों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया, तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी। वहीं, सोशलिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) ने कहा कि एक छोटी घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि दूसरे समुदाय के युवकों पर हमला करने के लिए बीजेपी और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।
घर की मालकिन सुधा की शिकायत पर हुसैन और रियान नाम के आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 310(2), 62 और 352 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके साथ ही एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(आर)(एस) और 3(2) के तहत भी केस दर्ज हुआ है।
दूसरी ओर, श्याम और संतोष नाम के दो लोगों के खिलाफ मारपीट के आरोप में बीएनएस की धारा 115(2), 118(1), 351(2) और 352 के तहत काउंटर केस दर्ज किया गया है। साथ ही धारा 3(5) भी लगाई गई है। बताया जा रहा है कि श्याम बजरंग दल से जुड़ा है, जबकि संतोष चिक्कमगलुरु में बीजेपी युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष हैं।
भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष संतोष का कहना है कि एक गैंग, जिसमें एक नाबालिग भी शामिल है, जानबूझकर कुछ घरों को निशाना बना रहा था। उनका आरोप है कि जब घर की महिला ने युवकों से पूछताछ की, तो उन्होंने उसके साथ बदसलूकी की और हमला करने की कोशिश की।
संतोष के मुताबिक, एक आरोपी को पकड़ लिया गया, जबकि बाकी मौके से फरार हो गए। उन्होंने यह भी कहा कि पत्थरबाजी की घटना सुनियोजित लगती है और दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि पकड़े गए आरोपी के साथी बाद में वहां इकट्ठा हो गए और उसे छुड़ाने की कोशिश करने लगे। हालांकि, स्थानीय लोगों ने उनका विरोध किया और आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया।
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए एसडीपीआई नेता मुनीर ने कहा कि एक छोटी सी बात को लेकर कुछ युवाओं पर हमला किया गया। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मुनीर ने कहा कि अगर किसी ने पत्थर फेंके हैं तो उसे कानून का सामना करना चाहिए। महिलाएं हर धर्म में सम्मान की हकदार हैं। जिन लोगों ने युवाओं के साथ मारपीट की, उनके खिलाफ भी मामला दर्ज होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वे कड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे।
बताया जा रहा है कि अल्पसंख्यक समुदाय के दो युवकों को लोगों और कुछ हिंदू कार्यकर्ताओं ने पकड़ लिया, उनके साथ मारपीट की और फिर पुलिस को सौंप दिया। वहीं, चार अन्य युवक सोमवार रात को मौके से भाग गए। बसवनहल्ली पुलिस थाने के सामने बजरंग दल और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले एक हफ्ते से कुछ अज्ञात लोग विजयनगर इलाके में तिलक पार्क के पास एक घर पर दोपहर और रात के समय पत्थर फेंक रहे थे। इससे घर में रहने वाला परिवार डर और चिंता में था। सोमवार रात को आसपास के लोगों ने एक आरोपी को पकड़ लिया, जबकि बाकी वहां से फरार हो गए। बाद में हिंदू संगठनों और एसडीपीआई के कार्यकर्ताओं के पुलिस थाने के पास जमा होने से माहौल तनावपूर्ण हो गया।
शिकायत करने वाली महिला सुधा ने बताया कि उसके घर पर बार-बार पत्थर फेंके जा रहे हैं, जिससे उसका परिवार डर के माहौल में रह रहा है। उसने कहा कि दिन में घर पर सिर्फ उसकी मां और बहन रहती हैं, क्योंकि वह काम पर चली जाती है। सोमवार रात जब उसकी मां और बहन ने बाहर मौजूद लड़कों से इस बारे में पूछा, तो उनके बीच बहस हो गई। घर के मालिक गगन का आरोप है कि लड़कों ने बदतमीजी की और बात करने पर महिलाओं पर हमला करने की कोशिश की।
बजरंग दल के सदस्यों का कहना है कि उन्होंने कुछ आरोपियों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं एसडीपीआई नेताओं का आरोप है कि मुस्लिम युवकों पर बिना वजह हमला किया गया। घटना में घायल हुए दो मुस्लिम युवकों को इलाज के लिए मल्ले गौड़ा सरकारी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। समुदाय के कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि इन युवकों पर बजरंग दल और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हमला किया।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पत्थरबाजी की घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए हैं और उनकी जांच की जा रही है।

