बीजापुर, 17 फरवरी (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सुरक्षाबलों ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों ने अलग-अलग कार्रवाई में 12 माओवादी स्मारकों को ध्वस्त कर दिया।
केंद्रीय रिजर्व पुलिस डी/214 द्वारा एरिया डोमिनेशन के दौरान पिल्लूर के जंगल में निर्मित सात अवैध माओवादी स्मारकों को ध्वस्त किया गया। इसी अभियान में ग्राम बड़े काकलेर और पुलगुंडम के पास माओवादियों द्वारा बनाए गए स्मारक भी चिन्हित किए गए। तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने रणनीतिक रूप से क्षेत्र की घेराबंदी कर गहन सर्च ऑपरेशन चलाया।
तलाशी के दौरान जवानों को स्मारकों के पास कॉर्डेक्स वायर से भरी दो बोतल आईईडी मिलीं। यूनिट की बम निष्क्रिय दस्ता टीम ने मौके पर ही दोनों आईईडी को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया। इसके बाद चिन्हित सभी सात माओवादी स्मारकों को ध्वस्त कर दिया गया।
थाना गंगालूर क्षेत्र में केंद्रीय रिजर्व पुलिस की 85वीं वाहिनी ने मल्लूर के जंगल में बने 12 फीट ऊंचे माओवादी स्मारक को ध्वस्त किया। इसी क्षेत्र के ग्राम पालनार के समीप एक माओवादी स्मारक को केंद्रीय रिजर्व पुलिस 222 की टीम ने एरिया डोमिनेशन के दौरान नष्ट किया। सुरक्षा बलों के अधिकारियों के अनुसार, माओवाद के पूर्ण उन्मूलन और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा तथा विकास की स्थापना के उद्देश्य से माओवादियों द्वारा निर्मित प्रतीकात्मक ढांचों और भय पैदा करने वाले अवशेषों को हटाया जा रहा है।
इन स्मारकों का उपयोग माओवादी संगठन अपने कैडरों और ग्रामीणों में प्रभाव और दबाव बनाए रखने के लिए करते रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई केवल भौतिक ढांचों को हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि माओवादी हिंसक विचारधारा और अवैध प्रभुत्व के खिलाफ एक सशक्त संदेश भी है।
इससे ग्रामीणों में भय का मनोवैज्ञानिक प्रभाव कम होगा और क्षेत्र में शासन-प्रशासन की वैधानिक उपस्थिति और मजबूत होगी। सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया कि भविष्य में माओवादियों को किसी भी प्रकार के हिंसा या भय के प्रतीक दोबारा स्थापित नहीं करने दिए जाएंगे।
अधिकारियों के अनुसार, नक्सल विरोधी अभियान के तहत ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि क्षेत्र को पूरी तरह माओवादी प्रभाव से मुक्त किया जा सके।

