Saturday, August 1, 2026
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खाना बनाने से पहले चावल भिगोना क्यों है जरूरी, जानें इसके स्वास्थ्य लाभ

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नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। चावल आसानी से पचने वाला भोजन है, लेकिन बहुत से लोग चावल पकाने के सही तरीके से अनजान हैं। यह तरीका आपके स्वास्थ्य पर बड़ा असर डालता है। बहुत से लोग जल्दबाजी में चावल धोते ही तुरंत उबाल देते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसा करना सही नहीं है। चावल को पकाने से पहले पानी में भिगोना न केवल उसकी पौष्टिकता बढ़ाता है, बल्कि ब्लड शुगर और पाचन संबंधी फायदे भी देता है।

चावल में एक प्राकृतिक तत्व फाइटिक एसिड होता है, जो हमारे शरीर में आयरन, जिंक और कैल्शियम के अवशोषण को रोकता है। अगर चावल को बिना भिगोए पका लिया जाए, तो ये जरूरी मिनरल्स ठीक से शरीर में नहीं पहुंचते। चावल को कुछ देर पानी में भिगोने से फाइटिक एसिड निकल जाता है और पोषक तत्वों का एब्जॉर्प्शन आसान हो जाता है। इससे खासकर उन लोगों को फायदा होता है जिन्हें आयरन या जिंक की कमी है।

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की रिसर्च के अनुसार, चावल को भिगोने से टेक्सचर और स्वाद भी बेहतर होता है। भीगे हुए चावल जल्दी पकते हैं और नरम रहते हैं। इससे खाना बनाने में आसानी होती है। भिगोने से चावल में मौजूद एंजाइम्स कार्बोहाइड्रेट्स को आसान शुगर में बदलने में मदद करते हैं, जिससे इन्हें पचाना और शरीर में पोषक तत्वों को एब्जॉर्ब करना आसान हो जाता है।

इसके अलावा, चावल को भिगोने से इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है। भिगोए हुए चावल खाने से ब्लड शुगर जल्दी नहीं बढ़ता। यह डायबिटीज के मरीजों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है। सफेद चावल को 15-20 मिनट, बासमती चावल को 20-30 मिनट, ब्राउन राइस को 6-8 घंटे और साबुत अनाज वाले चावल को 8-12 घंटे भिगोना सबसे अच्छा माना जाता है। भिगोने से पहले चावल को दो या तीन बार धोना भी जरूरी है।

हालांकि, सफेद चावल को ज्यादा देर तक पानी में न छोड़ें, क्योंकि इससे विटामिन और मिनरल निकल सकते हैं और पोषण कम हो जाता है।

आयुर्वेद और विज्ञान दोनों मानते हैं कि चावल को भिगोने की आदत हमारी सेहत के लिए लाभकारी है। यह न केवल पाचन को आसान बनाता है, बल्कि ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में भी मदद करता है।