झारखंड विधानसभा का बजट सत्र शुरू, राज्यपाल बोले- सर्वांगीण विकास के लिए ईमानदार प्रयास कर रही सरकार

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रांची, 18 फरवरी (आईएएनएस)। झारखंड विधानसभा का बजट सत्र बुधवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के अभिभाषण के साथ प्रारंभ हुआ। अपने संबोधन में राज्यपाल ने विभिन्न क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार झारखंड को “उत्तम से सर्वोत्तम” प्रदेश बनाने के लिए कृतसंकल्प है।

राज्यपाल ने सत्र को जनोपयोगी और सार्थक बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए उम्मीद जताई कि नीतियों, योजनाओं, वित्तीय प्राथमिकताओं और अन्य जनहित मुद्दों पर सकारात्मक व रचनात्मक चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए ईमानदार प्रयास कर रही है।

विधि-व्यवस्था को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई गई है। विगत वर्ष में आपराधिक और उग्रवादी तत्वों के खिलाफ निरंतर कार्रवाई की गई है। वर्ष 2025 में साइबर अपराध के 1413 मामलों में 1268 अपराधियों की गिरफ्तारी की गई है। साइबर हेल्पलाइन के माध्यम से 111 करोड़ रुपये की राशि ब्लॉक की गई, जबकि 12 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस कराए गए। भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई के तहत वर्ष 2025 में 54 लोकसेवकों को गिरफ्तार किया गया है।

राज्य के औद्योगिक विकास और निवेश की दिशा में सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा, “हाल में झारखंड ने वैश्विक मंचों पर सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है। दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के वार्षिक सम्मेलन और लंदन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठकों में निवेश-उन्मुख नीतियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसके परिणामस्वरूप अब तक लगभग 1.27 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है तथा रांची, सिल्ली और देवघर में सॉफ्टवेयर पार्क विकसित किए गए हैं।”

राज्यपाल ने कहा कि रोजगार सृजन के क्षेत्र में सरकार निरंतर प्रयासरत है। सरकार के साथ-साथ निजी प्रतिष्ठानों में युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। सरकार की ओर से लगाए गए रोजगार मेलों के जरिए निजी क्षेत्रों में 12 हजार युवाओं का चयन निजी प्रतिष्ठानों के लिए किया गया है।

राज्यपाल ने दूसरे राज्यों में रह रहे झारखंड के प्रवासी कामगारों के हितों के संरक्षण के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि सात राज्यों में प्रवासी सहायता केंद्र खोले गए हैं। जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के जरिए 342 अभ्यर्थियों और जेएसएससी की परीक्षाओं के जरिए दो हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति दी गई है।

–आईएएनएस

एसएनसी/एएस