गुजरात सरकार ने पेश किया अब तक का सबसे बड़ा बजट, 4.08 लाख करोड़ रुपए के प्रस्तावों की घोषणा

0
6

गांधीनगर, 18 फरवरी (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। बुधवार को सदन में वित्त मंत्री कानू देसाई ने ‘ज्ञान’ (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारीशक्ति) पर फोकस के सशक्तिकरण के लिए 4,08,053 करोड़ रुपए से अधिक के ऐतिहासिक प्रावधान रखे।

गुजरात के वित्त मंत्री कानू देसाई ने कृषि, किसान कल्याण और सहकारिता विभाग के लिए कुल 24,022 करोड़ रुपए का प्रावधान किया। इंडस्ट्रीज और माइंस डिपार्टमेंट के लिए कुल 13,942 करोड़ रुपए, जबकि टूरिज्म, तीर्थयात्रा और सिविल एविएशन के लिए 3,090 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित किया गया है।

वित्त मंत्री ने पोर्ट्स और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के लिए 4,314 करोड़ रुपए का बजट रखा। नर्मदा, वॉटर रिसोर्स, वॉटर सप्लाई और कल्पसर डिपार्टमेंट के लिए कुल 25,960 करोड़ रुपए के बजट की घोषणा की गई है। उन्होंने वाटर रिसोर्स डिवीजन के लिए 13,944 करोड़ रुपए, जबकि पंचायत, ग्रामीण आवास और ग्रामीण विकास विभाग के लिए कुल बजट 14,858 करोड़ रुपए प्रस्तावित किए।

वित्त वर्ष 2026-17 के लिए गुजरात के अर्बन डेवलपमेंट और अर्बन हाउसिंग डिपार्टमेंट को 33,504 करोड़ रुपए की योजनाओं की सौगात दी गई है। सड़क एवं भवन विभाग के लिए 29,709 करोड़ रुपए के प्रोविजन किए गए हैं। सरकार ने इस बार खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के लिए 2,856 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया है। वहीं, लेबर, स्किल डेवलपमेंट और एम्प्लॉयमेंट डिपार्टमेंट के लिए कुल बजट 2,902 करोड़ रुपए है।

वित्त मंत्री कानू देसाई ने ट्राइबल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के लिए कुल 5,425 करोड़ रुपए का प्रावधान किया। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के लिए इस बार 7,086 करोड़ रुपए का बजट है। सूचना एवं प्रसारण विभाग के लिए कुल 452 करोड़ रुपए, वन और पर्यावरण विभाग के लिए 3,560 करोड़ रुपए, जलवायु परिवर्तन विभाग के लिए कुल 429 करोड़ रुपए और कानून मंत्रालय के लिए कुल 2,702 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है।

बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने वर्ष 2026 को ‘गुजरात पर्यटन वर्ष’ के रूप में घोषित किया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकारी सेवाओं के लिए ‘गुजरात यूनिफाइड डिजिटल स्टैक’ प्लेटफॉर्म लॉन्च किया जाएगा। सूरत और अहमदाबाद में 500 करोड़ रुपए की लागत से मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल बनेंगे। अहमदाबाद और सूरत को जोड़ने के लिए ‘रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम’ (आरआरटीएस) की स्थापना की जाएगी।

कानू देसाई ने घोषणा की कि गुजरात को वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने के लिए ‘वेड इन गुजरात’ अभियान शुरू किया जाएगा। वहीं, राज्य में 6 ‘ग्रोथ हब’ (उत्तर गुजरात, मध्य गुजरात, सौराष्ट्र, तटीय सौराष्ट्र, कच्छ और सूरत) विकसित किए जाएंगे। धोलेरा और साणंद को वैश्विक ‘सेमीकंडक्टर हब’ के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।