पटना, 18 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार विधान परिषद में बुधवार को एक बार फिर मंत्री अशोक चौधरी और राजद के विधान पार्षद सुनील कुमार आमने-सामने आ गए। इस बार राजद के नेता सुनील कुमार ने जब मंत्री की डिग्री को लेकर सवाल उठाए तो मंत्री ने यहां तक चुनौती दे दी कि वे आरोप साबित करें, नहीं तो इस्तीफा दें।
दरअसल, विपक्ष द्वारा यह सवाल उठाया गया था कि पैक्स द्वारा नमी का बहाना बनाकर किसानों का धान नहीं खरीदा जा रहा है। धान खरीद की अवधि समाप्त होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन अब तक खरीदी लक्ष्य से काफी दूर है। मंत्री अशोक चौधरी ने इस प्रश्न का जवाब देने के दौरान राजद को लेकर तंज कसते हुए उनके शासनकाल के दौर को लेकर टिप्पणी कर दी।
इसी क्रम में एमएलसी सुनील सिंह ने मंत्री के बारे में कहा कि यदि वे चाहें तो डिग्री से जुड़ी पूरी सच्चाई सामने ला सकते हैं और उन्हें पता है कि नकली डिग्री कैसे प्राप्त की गई है। इस पर अशोक चौधरी भड़क गए और चुनौती देते हुए कहा कि उनकी डिग्री को गलत साबित करके दिखाएं, अन्यथा आरोप लगाने वाले परिषद से इस्तीफा दें। इस व्यक्तिगत टिप्पणी को लेकर बढ़ते हंगामे को देखते हुए सभापति ने हस्तक्षेप किया और दोनों को शांत रहने की सलाह देते हुए विवादित टिप्पणियों को सदन की कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया।
बता दें कि इससे पहले भी सदन में 10 फरवरी को राजद के सुनील सिंह और मंत्री अशोक चौधरी के बीच नोकझोंक शुरू हुई थी। मामला इतना बढ़ गया कि व्यक्तिगत और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल होने लगा था। इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
स्थिति को तनावपूर्ण देखते हुए सभापति ने विपक्षी सदस्यों को एक दिन के लिए निष्कासित कर दिया था। सदन से बाहर निकलने के बाद राजद एमएलसी सुनील सिंह ने मंत्री अशोक चौधरी के बारे में कहा था कि रोड छाप टपोरी का भी वैसा एक्ट नहीं होता जैसा उन्होंने किया है। जिस तरह से अशब्द बोला गया, अगर माइक ऑन होता तो लोग सुन सकते थे। इसी के प्रत्युत्तर में हम लोगों ने भी एक्ट किया।

