बेंगलुरु : कचरा डंप करने को लेकर विवाद, 300 ट्रकों को रोका गया

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बेंगलुरु, 18 फरवरी (आईएएनएस)। बेंगलुरु शहर के बाहरी इलाके में बुधवार को तनाव की स्थिति बन गई। करीब 300 से ज्यादा कचरा ढोने वाले ट्रक डोड्डाबल्लापुर की ओर जा रहे थे, लेकिन लोगों और भाजपा नेताओं ने उन्हें रोक दिया। वे इस क्षेत्र में कचरा फेंके जाने का विरोध कर रहे थे।

सूत्रों के अनुसार, बेंगलुरु के महादेवपुरा में कचरा फेंकने के खिलाफ हुए विरोध के बाद ट्रकों का रूट बदलकर उन्हें डोड्डाबल्लापुर की ओर भेजा गया था। बताया जा रहा है कि ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी ने इन वाहनों को डायवर्ट करने का आदेश दिया था। हाल ही में हुए एक सड़क हादसे में एक बच्चे की मौत के बाद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया, जिससे ट्रकों की आवाजाही रोक दी गई।

ट्रकों को डोड्डा मंकला इलाके के पास रोका गया, जहां स्थानीय लोगों ने भाजपा विधायक धीरज मुनिराजू के नेतृत्व में उनका रास्ता रोक दिया। बताया गया है कि 300 से अधिक वाहनों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया। मौके पर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के अधिकारियों को बुलाया गया और कई ट्रकों पर जुर्माना लगाया गया।

मीडिया से बात करते हुए मुनिराजू ने जीबीए अधिकारियों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह इलाका पहले से ही कचरा निपटान केंद्रों के बोझ से जूझ रहा है। उन्होंने कहा, “महादेवपुरा में विरोध के कारण ट्रकों को यहां भेजा गया है। हम पहले ही कचरे से परेशान हैं। जिन ट्रकों के पास सही परमिट नहीं है, उन्हें यहां कचरा खाली करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मैं उन्हें कचरा डालने नहीं दूंगा। हम उन्हें रोक रहे हैं और वापस भेज रहे हैं।”

लोगों ने मिट्टगनहल्ली और बेल्लाहल्ली के प्रोसेसिंग केंद्रों में भी कचरा फेंकने का विरोध किया। आरोप है कि कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान नहीं किया जा रहा है और गांव पंचायत को स्थिति संभालने के लिए पर्याप्त धन नहीं दिया गया है।

इस बीच, यह भी आरोप लगाया गया है कि जीबीए के सॉलिड वेस्ट डिस्पोजल के सीईओ कारी गौड़ा ने शहर का कचरा संभालने के लिए लगभग 300 अतिरिक्त ट्रकों को डोड्डाबल्लापुर क्षेत्र की ओर भेजने का निर्देश दिया था। इस कदम के खिलाफ प्रभावित इलाकों में कड़ा विरोध हो रहा है।

कचरा प्रबंधन और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर लोगों की चिंताओं के बीच स्थानीय प्रशासन हालात को संभालने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है।