Thursday, July 30, 2026
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गुवाहाटी यूनिवर्सिटी की निशुल्क कोचिंग मॉडल का कमाल, एपीएससी-सीसीई में 13 अभ्यर्थी सफल

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गुवाहाटी, 18 फरवरी (आईएएनएस)। गुवाहाटी यूनिवर्सिटी के फ्री कोचिंग मॉडल ने प्रतियोगी परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता दिलाई है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने जानकारी दी कि उसके ‘इनिशिएटिव फॉर कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन’ (जीयूआईसीई) के तहत प्रशिक्षण प्राप्त 13 उम्मीदवारों ने असम पब्लिक सर्विस कमीशन (एपीएससी) की कंबाइंड कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन (सीसीई) 2024 में सफलता हासिल की है।

यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के उस प्रयास का परिणाम है, जिसके तहत राज्य सिविल सेवा परीक्षा के अंतिम चरण के लिए चयनित अभ्यर्थियों को निशुल्क विशेष इंटरव्यू-तैयारी कार्यक्रम प्रदान किया गया।

जीयूआईसीई फ्रेमवर्क के अंतर्गत संचालित इस कार्यक्रम में मॉक इंटरव्यू, व्यक्तित्व विकास और वाइवा वॉइस के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन पर विशेष जोर दिया गया। विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल पारंपरिक कक्षा शिक्षण तक सीमित न रहकर छात्रों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए समग्र अकादमिक समर्थन उपलब्ध कराना है।

कुलपति प्रो. नानी गोपाल महंत ने कहा कि यह परिणाम विश्वविद्यालय के उस विजन को साकार करता है, जिसके तहत छात्रों को सार्वजनिक नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं सुशासन का प्रवेश द्वार हैं और विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी है कि वे इस यात्रा में अभ्यर्थियों का सक्रिय रूप से सहयोग करें।

वर्ष 2024 में करियर-उन्मुख पहल के रूप में शुरू किए गए जीयूआईसीई के बाद विश्वविद्यालय के प्री-एग्जामिनेशन ट्रेनिंग सेल (पीईटीसी) का पुनर्गठन किया गया। अब यह सेल सिविल सेवाओं और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं पर विशेष फोकस करता है।

प्रशिक्षण मॉडल में दीर्घकालिक विषय तैयारी को लक्षित इंटरव्यू कोचिंग के साथ जोड़ा गया है। विशेष इंटरव्यू-प्रैक्टिस कार्यक्रम भारत भूषण देव चौधरी की देखरेख में आयोजित किया गया, जिसमें 2024-25 बैच के उम्मीदवार शामिल थे, जिन्होंने मेन्स परीक्षा उत्तीर्ण की थी।

जीयूआईसीई दो समर्पित स्ट्रीम के माध्यम से कार्य करता है, पहला, लंबी अवधि का कोचिंग मॉड्यूल जिसमें मुख्य विषयों की गहन तैयारी कराई जाती है, और दूसरा, विशेष इंटरव्यू-तैयारी मॉड्यूल, जिसका उद्देश्य बार-बार मॉक सत्रों के जरिए अभ्यर्थियों का आत्मविश्वास और स्पष्टता बढ़ाना है।

रजिस्ट्रार प्रो. उत्पल सरमा ने कहा कि यह कार्यक्रम प्रतिभा और सार्वजनिक जिम्मेदारी दोनों पर समान रूप से केंद्रित है।

वहीं, पीईटीसी के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. संजय कुमार दत्ता ने भरोसा जताया कि भविष्य में भी इसी तरह की पहलें अभ्यर्थियों के सपोर्ट सिस्टम को मजबूत करती रहेंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी सफल उम्मीदवारों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल सार्वजनिक सेवा करियर की कामना की है।