लोथल से सोमनाथ तक, गुजरात ने बजट 2026 में टूरिज्म का रोडमैप पेश किया

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गांधीनगर, 18 फरवरी (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने 2026 को ‘गुजरात टूरिज्म ईयर’ घोषित किया है और 2026-27 के बजट में राज्य भर में हेरिटेज, तीर्थयात्रा और कोस्टल टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के मकसद से कई अलॉटमेंट की घोषणा की है।

बजट पेश करते हुए, वित्त मंत्री कनु देसाई ने खास जगहों, ट्रांसपोर्ट सुविधाओं और नए प्रमोशनल प्रोग्राम के लिए प्रोविजन तय किए, जिसमें राज्य को वेडिंग और डेस्टिनेशन टूरिज्म हब बनाने के लिए ‘वेड इन गुजरात’ कैंपेन शुरू करना भी शामिल है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 236 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इस प्रोविजन का मकसद साइट पर विजिटर की सुविधाओं और उससे जुड़ी सुविधाओं को मज़बूत करना है, जो राज्य के खास टूरिज्म अट्रैक्शन में से एक है।

सरकार ने लोथल में नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज म्यूजियम और 1,000 टूरिस्ट गाइड की ट्रेनिंग और तैनाती के लिए 95 करोड़ रुपए रखे हैं।

इस एलोकेशन का मकसद हेरिटेज जगहों पर इंटरप्रिटेशन सर्विस को बेहतर बनाना और विजिटर के एक्सपीरियंस को बेहतर बनाना है। तीर्थयात्रा इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए, अंबाजी मंदिर में अंबाजी कॉरिडोर मास्टरप्लान के लिए 300 करोड़ रुपए दिए गए हैं।

इसके अलावा, बहुचराजी मंदिर, गिरनार और नर्मदा परिक्रमा रूट पर सुविधाओं के लिए 55 करोड़ रुपए अलग रखे गए हैं, जिसमें तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाओं और बेहतर पहुंच पर ध्यान दिया गया है।

कोस्टल और मंदिर टूरिज्म प्रोजेक्ट्स में सोमनाथ मंदिर और शिवराजपुर बीच पर डेवलपमेंट कामों के लिए 60 करोड़ रुपए, साथ ही विसवाड़ा और पोरबंदर के बीच टूरिज्म डेवलपमेंट शामिल है।

इस अलॉटमेंट का मकसद सुविधाओं को अपग्रेड करना और कोस्टल टूरिज्म सर्किट को मजबूत करना है।

विजिटर्स की बढ़ती संख्या को सपोर्ट करने के लिए, सरकार ने सोमनाथ और अंबाजी में बस पोर्ट के डेवलपमेंट के लिए 447 करोड़ रुपए अलॉट किए हैं, जिसका मकसद प्रमुख तीर्थस्थलों पर कनेक्टिविटी और पैसेंजर सुविधाओं को बेहतर बनाना है।

टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ बजट में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च को भी सपोर्ट किया गया है, जिसमें सड़कों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए काफी अलॉटमेंट शामिल हैं, जिनसे गुजरात टूरिज्म ईयर 2026 के दौरान प्रमुख डेस्टिनेशन तक पहुंच में मदद मिलने की उम्मीद है।