नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। फाल्गुन का महीना चल रहा है। ऐसे में रंगों के त्योहार होली की तैयारी भी शुरू हो चुकी है। उत्तर प्रदेश का कल्चरल डिपार्टमेंट लौकी की बर्फी को बनाने की सलाह देता है, जो स्वाद के साथ सेहत का कॉम्बो है।
उत्तर प्रदेश की पारंपरिक पाक-कला में लौकी की बर्फी एक अनोखी और स्वादिष्ट मिठाई है, जिसमें स्वाद के साथ सेहत का पूरा कॉम्बो मिलता है। उत्तर प्रदेश का कल्चरल डिपार्टमेंट इसे हल्की, पौष्टिक और उत्सवों के लिए आदर्श बताता है। आमतौर पर सब्जी समझी जाने वाली लौकी को यहां शानदार बर्फी में बदला जाता है, जो मीठी होने के बावजूद कम कैलोरी वाली और सेहतमंद रहती है।
लौकी (बॉटल गार्ड) के औषधीय गुण इसे और भी खास बनाते हैं। आयुर्वेद और आधुनिक अध्ययनों के अनुसार, लौकी में 96 प्रतिशत पानी, कम कैलोरी, फाइबर, विटामिन ए, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं।
फाइबर से भरपूर होने की वजह से यह कब्ज, गैस, एसिडिटी और अपच में राहत देती है। पेट को ठंडक देती है और पाचन तंत्र मजबूत करती है। कम कैलोरी और ज्यादा पानी से भूख कम लगती है, वजन घटाने में भी मददगार है। लौकी हृदय स्वास्थ्य के लिए भी कारगर है। इसमें पाया जाने वाला पोटैशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है, कोलेस्ट्रॉल कम कर दिल को स्वस्थ बनाता है। यह नेचुरल डिटॉक्सिफायर है और त्वचा को चमकदार बनाती है। लौकी में कम कार्ब्स और शुगर मेटाबॉलिज्म सुधारने वाले गुण पाए जाते हैं, जो ब्लड शुगर को स्थिर रखते हैं।
लौकी की बर्फी हल्की, पौष्टिक और त्योहारों के लिए बेस्ट है। यह मिठाई बनाने की रेसिपी भी आसान है। इसके लिए सबसे पहले लौकी को धोकर छिलका उतारें, बीज निकालें और कद्दूकस करें। इसके बाद कढ़ाई में 2 बड़े चम्मच घी में कद्दूकस लौकी डालें और मध्यम आंच पर लगभग 10 मिनट तक भूनें। इसके बाद इसमें चीनी डालें और पानी सूखने तक पकाएं। इसमें मावा और बाकी घी मिलाकर भूनें जब तक मिश्रण गाढ़ा न हो जाए। स्वाद के लिए ऊपर से इलायची पाउडर डालें। इसके बाद ठंडा होने के बाद मनचाहे शेप में काट लें।

