भूतिया गांव कुलधरा में कुछ ऐसे हुई थी ‘कच्चे धागे’ की शूटिंग, अजय देवगन की जान पर भी बन आई थी

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मुंबई, 19 फरवरी (आईएएनएस)। जब भी 90 के दशक की एक्शन और मसाला फिल्मों की बात होती है, तो सबसे पहले ‘करण-अर्जुन’, ‘घातक’ और ‘मोहरा’ जैसी हिट फिल्मों के नाम जुबान पर आते हैं।

इन फिल्मों की गिनती सदाबहार फिल्मों में होती है जिन्हें जितनी बार भी देखा जाए, मन नहीं भरता है, लेकिन उस समय की एक और ब्लॉकबस्टर फिल्म थी जिसने कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले थे। आज उस फिल्म ने 27 साल पूरे कर लिए हैं।

हम बात कर रहे हैं अजय देवगन, सैफ अली खान, मनीषा कोईराला और नम्रता शिरोडकर स्टारर फिल्म ‘कच्चे धागे’ की। फिल्म को आज ही के दिन साल 1999 में रिलीज किया गया था। फिल्म 90 के दशक की उन फिल्मों में शामिल थी, जिसने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 200 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया था। ‘कच्चे धागे’ के दमदार संवाद, शानदार लोकेशन और एक्शन सीन्स ने फैंस को सिनेमाघरों में खड़े होकर सीटी बजाने के लिए मजबूर कर दिया था, लेकिन बहुत कम लोग ये बात जानते हैं कि फिल्म को बनाने में निर्देशक को बहुत मेहनत करनी पड़ी थी और फिल्म को भूतिया गांव कुलधरा में शूट किया गया था।

‘कच्चे धागे’ के निर्देशक मिलन लुथरिया और अजय देवगन पहले से ही अच्छे दोस्त थे और साथ में फिल्म भी करना चाहते थे, लेकिन अजय का शेड्यूल काफी बिजी था और वे फिल्म को टाल रहे थे। छह महीने ऐसे ही बीत गए और एक दिन मिलन लुथरिया गुस्से में अजय देवगन से मिलने पहुंचे और सीधा पूछा कि फिल्म करनी है या नहीं। अभिनेता ने जवाब दिया कि वे 2 महीने बाद फिल्म की शूटिंग करेंगे और तय वादे पर फिल्म की शूटिंग शुरू हुई।

चाहे ट्रेन के कोच अलग करना हो या चलती ट्रेन से कूदना हो, अजय ने सारे सीन्स को खुद फिल्माया था और बॉडी डबल का इस्तेमाल नहीं किया था। ट्रेन के कोच अलग करने वाले सीन में अभिनेता की जान जाते-जाते बची थी, क्योंकि ट्रेन अपनी पूरी स्पीड पर थी और उनका एक हाथ हथकड़ी से बंधा था। इस सीन ने सबकी सांसें अटकाकर रख दी थीं, हालांकि सब कुछ संभल गया। इतना ही नहीं, सेट पर सैफ अली खान की चुलबुली हरकतों से सेट के लोग भी परेशान थे क्योंकि वे मस्ती में चलती ट्रेन पर नाचने लगते थे, जिसके लिए उन्हें कई बार डांट भी पड़ी थी।