कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद विभाग को नहीं मिल रही पर्याप्त धनराशि : आर. अशोक

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बेंगलुरु, 19 फरवरी (आईएएनएस)। कर्नाटक भाजपा ने गुरुवार को परिवहन विभाग के कर्मचारियों के चल रहे विरोध प्रदर्शन और बेंगलुरु में कचरा प्रबंधन संकट को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला और वित्तीय कुप्रबंधन और प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाया।

विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद से किसी भी विभाग को पर्याप्त धनराशि नहीं दी गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने परिवहन कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने में अनिश्चितकाल के लिए देरी कर दी है।

उन्होंने कहा, “सरकारी खजाना खाली है। आरटीसी के कर्मचारी 38 महीनों के लंबित बकाया भुगतान की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। उनकी जायज मांगें अब तक पूरी हो जानी चाहिए थीं। यह देरी सरकार की विफलता है।”

अशोक ने कहा कि यदि सरकार के पास धन होता, तो उसे बकाया राशि का भुगतान या तो चरणों में या एकमुश्त कर देना चाहिए था।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कर्मचारियों द्वारा विरोध प्रदर्शन की घोषणा के बाद ही कार्रवाई की है, और दावा किया कि अधिकारी अब पूरे 38 महीनों के बकाया के बजाय केवल 26 महीनों का बकाया जारी करने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिवहन कर्मचारियों ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है।

परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी के इस आरोप का जवाब देते हुए कि पिछली भाजपा सरकार ने बकाया राशि नहीं चुकाई थी, अशोक ने उन्हें 2018 में विरासत में मिली देनदारियों का विवरण सार्वजनिक करने की चुनौती दी। उन्होंने 2009 से 2013 के बीच परिवहन मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल का भी हवाला देते हुए कहा कि यदि उनके कार्यकाल के दौरान कोई बकाया राशि नहीं चुकाई गई थी, तो सरकार को उसे सार्वजनिक करना चाहिए।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने लाभ कमाने वाली परिवहन संस्था को घाटे में चलने वाली संस्था में बदल दिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि कोविड-19 महामारी के दौरान यात्रा प्रतिबंधों के कारण दुनिया भर के परिवहन निगमों को नुकसान हुआ, लेकिन कांग्रेस सरकार द्वारा उस अवधि को बहाने के रूप में इस्तेमाल करना अब अनुचित है। संकट केवल एक विभाग तक सीमित नहीं था। ठेकेदार संघ लंबित भुगतानों को लेकर हड़ताल की तैयारी कर रहा है और उत्पाद शुल्क ठेकेदार भी विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “सरकार को पिछले तीन वर्षों में की गई गलतियों की कीमत चुकानी पड़ेगी।” इसके साथ ही आरटीसी कर्मचारियों की मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की।