चेन्नई, 19 फरवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु भाजपा ने विधानसभा चुनाव से पहले डीएमडीके और डीएमके के बीच हुए चुनावी गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने इसे डीएमडीके संस्थापक दिवंगत विजयकांत की विरासत के साथ विश्वासघात बताया।
भाजपा ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर कड़े शब्दों में कहा, “कैप्टन विजयकांत ने जनता के लिए अपने पूरे राजनीतिक जीवन में डीएमके नामक बुराई के खिलाफ संघर्ष किया। डीएमके ने कैप्टन और उनकी बनाई पार्टी को अपमान और क्रूरता का सामना कराया। आज वही आंदोलन डीएमके के साथ हाथ मिला रहा है। कैप्टन की आत्मा इसे कभी माफ नहीं करेगी।”
यह प्रतिक्रिया डीएमडीके और डीएमके के बीच औपचारिक गठबंधन की घोषणा के बाद आई। इससे पहले डीएमडीके महासचिव प्रेमलता विजयकांत ने चेन्नई स्थित डीएमके मुख्यालय ‘अन्ना अरिवालयम’ में मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन से मुलाकात की थी।
बैठक के बाद प्रेमलता ने पत्रकारों से कहा कि यह गठबंधन पार्टी के जिला सचिवों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की इच्छा के अनुरूप किया गया है। उन्होंने कहा, “आज हमने डीएमके के साथ गठबंधन को अंतिम रूप दिया है। यह 2016 में ही हो जाना चाहिए था। एक दशक बाद अब इसे औपचारिक रूप दिया गया है।”
उन्होंने बताया कि डीएमडीके कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, कौन-कौन सी सीटें मांगेगी और उम्मीदवारों का चयन कैसे होगा- इसके लिए एक समिति गठित की जाएगी। साथ ही राज्यसभा प्रतिनिधित्व सहित अन्य विवरणों की घोषणा मुख्यमंत्री स्टालिन द्वारा की जाएगी।
डीएमडीके को ‘सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस’ में शामिल करने का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि काले-लाल झंडों से प्रतीकित यह नई मित्रता तमिलनाडु की निरंतर प्रगति में योगदान देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह गठबंधन डीएमके की सत्ता में वापसी और राज्य के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करेगा।
गौरतलब है कि पिछली लोकसभा चुनाव में डीएमडीके, एआईएडीएमके-नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा थी। विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की स्थिति पर अटकलें लगाई जा रही थीं, जिसके बाद अंततः उसने डीएमके के साथ हाथ मिलाने का फैसला किया।

