सुप्रीम कोर्ट ने सीएए के खिलाफ याचिकाओं पर नई तारीख तय की, 5 मई से सुनवाई शुरू होगी

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नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर नई सुनवाई तारीख तय कर दी है।

कोर्ट ने कहा है कि 5 मई 2026 से इन याचिकाओं पर सुनवाई शुरू होगी। मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि असम और त्रिपुरा से जुड़े मामलों को छोड़कर बाकी देश के सभी मामलों की सुनवाई पहले होगी। असम और त्रिपुरा के मामलों पर अलग से सुनवाई की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट में सीएए के खिलाफ कुल 237 याचिकाएं लंबित हैं। इनमें कहा गया है कि यह कानून धार्मिक आधार पर भेदभाव करता है और खासकर मुस्लिम समुदाय के साथ अन्याय करता है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार को यह कानून लागू नहीं करना चाहिए था। 11 मार्च 2024 को केंद्र सरकार ने सीएए के नियम अधिसूचित किए थे, जिसके बाद कुछ नई याचिकाएं भी दाखिल हुई हैं।

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मामले की सुनवाई के लिए स्पष्ट तारीख तय करना जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि याचिकाकर्ताओं को अपनी दलीलें रखने के लिए एक पूरा दिन दिया जाए। साथ ही कोर्ट ने कहा कि अगर किसी पक्ष को अतिरिक्त दस्तावेज या पूरक दलीलें दाखिल करनी हों, तो वे ऐसा कर सकते हैं।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को याद दिलाया कि 22 जनवरी 2020 को एक आदेश पारित हुआ था, जिसमें मामलों को दो श्रेणियों में बांटने का निर्देश दिया गया था। असम और त्रिपुरा से जुड़े मामले एक साथ सूचीबद्ध किए जाएं और बाकी देश के मामले अलग से। मुख्य न्यायाधीश ने सहमति जताई और कहा कि पहले पूरे देश के मामलों को सुना जाएगा, उसके बाद असम और त्रिपुरा के मामलों पर विचार किया जाएगा।

यह कानून 2019 में संसद से पारित हुआ था, जिसके तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है। विपक्ष और कई संगठनों ने इसे संविधान के खिलाफ और भेदभावपूर्ण बताया है। मामला लंबे समय से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और इस पर अंतिम फैसला अभी बाकी है।