नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने पंजाब के लिए एक बड़ी सौगात दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एनएच-205ए के अंबाला-चंडीगढ़ सेक्शन को जीरकपुर बाईपास से जोड़ने वाले 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड स्पर के निर्माण के लिए 1,463.95 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इस योजना पर खुशी जाहिर की और केंद्र सरकार का आभार जताया।
यह प्रोजेक्ट ट्राइसिटी रिंग रोड (चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला) का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो क्षेत्र की यातायात समस्याओं को काफी हद तक हल करने वाला साबित होगा।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके इस प्रोजेक्ट की जानकारी दी। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि यह कॉरिडोर मोहाली, चंडीगढ़ और पंचकूला के मुख्य शहरी चौराहों पर ट्रैफिक को डायवर्ट करके भीड़ कम करेगा।
उन्होंने बताया कि इससे एनएच-44, एनएच-205ए और एनएच-152 पर भारी वाहनों का दबाव घटेगा। खास तौर पर हिमाचल प्रदेश, विशेषकर शिमला क्षेत्र की ओर जाने वाले यात्रियों को तेज और आसान कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे यात्रा का समय कम होगा और क्षेत्रीय आर्थिक जुड़ाव मजबूत होगा। यह प्रोजेक्ट सड़क सुरक्षा बढ़ाने, प्रदूषण कम करने और आर्थिक विकास को गति देने में मददगार साबित होगा।
पंजाब से सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए नितिन गडकरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “पंजाब की तरक्की को प्राथमिकता देने के लिए गडकरी जी का शुक्रिया। यह 6-लेन ग्रीनफील्ड स्पर ट्राइसिटी रिंग रोड प्रोजेक्ट के तहत एक बड़ा बदलाव लाएगा। इससे चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में ट्रैफिक जाम कम होगा, हिमाचल तक पहुंच आसान बनेगी, सड़क सुरक्षा बढ़ेगी और प्रदूषण घटेगा। पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में यह विश्व-स्तरीय कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर से विकास का वादा पूरा करने वाला कदम है।”
ट्राइसिटी क्षेत्र लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है। चंडीगढ़ ट्राइसिटी रिंग रोड प्रोजेक्ट कुल मिलाकर 244 किलोमीटर लंबा है और इसकी अनुमानित लागत 12,000 करोड़ रुपए से अधिक है। यह परियोजना पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत चल रही है, जिसका उद्देश्य इंटरस्टेट मूवमेंट को सुगम बनाना और क्रॉनिक बॉटलनेक्स को दूर करना है।

