अमेरिका में स्टील का इंपोर्ट गिरा, लेकिन भारत से शिपमेंट में हुई बढ़ोतरी

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वॉशिंगटन, 20 फरवरी (आईएएनएस)। 2025 में अमेरिका के स्टील इंपोर्ट का आंकड़ा बेहद हैरान करने वाला है। दरअसल, अमेरिका ने 2025 में दुनिया से कम स्टील खरीदा, लेकिन भारत से काफी अधिक लिया। गुरुवार को जारी नए आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल अमेरिका के कुल स्टील आयात में 12.6 फीसदी की गिरावट आई है, जबकि भारत से शिपमेंट 118 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है। यह आंकड़े सोर्सिंग पैटर्न में एक बड़ा बदलाव दिखाते हैं।

अमेरिकन आयरन एंड स्टील इंस्टीट्यूट (एआईएसआई) ने फाइनल सेंसस ब्यूरो डेटा का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका ने दिसंबर 2025 में कुल 1,577,000 नेट टन स्टील इंपोर्ट किया, जिसमें 1,160,000 नेट टन फिनिश्ड स्टील शामिल है। नवंबर की तुलना में, कुल इंपोर्ट 3.8 फीसदी कम हुआ, जबकि फिनिश्ड स्टील इंपोर्ट 6.9 फीसदी बढ़ा।

पूरे साल के लिए, गिरावट और भी ज्यादा थी। 2025 में कुल स्टील इंपोर्ट 25,241,000 नेट टन रहा, जो 2024 से 12.6 फीसदी कम है। फिनिश्ड स्टील इंपोर्ट कुल 18,665,000 नेट टन रहा, जो साल-दर-साल 17.1 फीसदी कम है। दिसंबर में तैयार स्टील इंपोर्ट मार्केट शेयर 14 फीसदी और पूरे साल के लिए 18 फीसदी रहने का अनुमान था।

भारत का परफॉर्मेंस इस साल काफी अच्छा रहा, जो पहले ठीक-ठाक रहा। अमेरिका ने 2025 में भारत से 553,000 नेट टन स्टील इंपोर्ट किया, जो 2024 के मुकाबले 118.3 फीसदी ज्यादा है। अकेले दिसंबर में, भारत ने 42,000 नेट टन स्टील शिप किया, जो नवंबर के मुकाबले 10.1 फीसदी कम है।

कनाडा 2025 में 4,524,000 नेट टन के साथ अमेरिका का सबसे बड़ा ओवरऑल सप्लायर बना रहा, हालांकि इसमें 2024 के मुकाबले 31 फीसदी की गिरावट आई। ब्राजील 4,126,000 नेट टन के साथ दूसरे नंबर पर रहा, जो 8 फीसदी कम है। मेक्सिको ने 2,823,000 नेट टन सप्लाई किया, जो 19.7 फीसदी कम है, और साउथ कोरिया ने 2,662,000 नेट टन सप्लाई किया, जो 5.3 फीसदी कम है। जर्मनी ने 1,128,000 नेट टन शिपमेंट किया, जो 5 फीसदी ज्यादा है।

दिसंबर में, ब्राजील 257,000 नेट टन के साथ टॉप सप्लायर था, जो नवंबर से 4.1 फीसदी ज्यादा था। कनाडा ने 234,000 नेट टन सप्लाई किया, जो 9 फीसदी कम था। साउथ कोरिया ने 167,000 नेट टन शिप किया, जो 1.3 फीसदी ज्यादा था, जबकि मेक्सिको ने 137,000 नेट टन शिप किया, जो 17.4 फीसदी कम था। जापान ने 109,000 नेट टन रिकॉर्ड किया, जो महीने-दर-महीने 52.6 फीसदी ज्यादा था।

दिसंबर में कुछ प्रोडक्ट कैटेगरी में महीने-दर-महीने तेज बढ़ोतरी देखी गई। रीइन्फोर्सिंग बार का इंपोर्ट 135 फीसदी बढ़ा। प्लेट्स की कट लेंथ 68 फीसदी बढ़ी। कॉइल में प्लेट्स 44.6 फीसदी बढ़ीं। हॉट-रोल्ड बार 38.9 फीसदी बढ़े और हेवी स्ट्रक्चरल शेप 37.3 फीसदी बढ़े।

सालाना आधार पर, 2024 के मुकाबले 2025 में टिन प्लेट का इंपोर्ट 24.3 फीसदी बढ़ा। लाइन पाइप 18.5 फीसदी, वायर रॉड 13.2 फीसदी और ऑयल कंट्री गुड्स 12.6 फीसदी बढ़े।

स्टील इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल, एनर्जी सिस्टम और कंस्ट्रक्शन के लिए सेंट्रल बना हुआ है। हाल के सालों में, ट्रेड उपायों और सप्लाई चेन की बहसों के बीच अमेरिकी इंपोर्ट पर करीब से नजर रखी गई है। भारत के लिए, अमेरिका को शिपमेंट में तेज बढ़ोतरी मार्केट में उसकी बढ़ती मौजूदगी को दिखाती है।