इंफाल, 21 फरवरी। मणिपुर के थानलोन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक वुंगजागिन वाल्टे का शनिवार को निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद दिल्ली रवाना हुए और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। कई अन्य नेताओं ने भी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
वाल्टे चुराचांदपुर जिले के थानलोन क्षेत्र से कुकी-जो समुदाय का प्रतिनिधित्व करते थे और वह 3 मई 2023 को मणिपुर में भड़की जातीय हिंसा के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। 4 मई 2023 को इंफाल में पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह से मुलाकात के बाद नागामापल क्षेत्र में भीड़ ने उन पर हमला कर दिया था। इस हमले में उन्हें कई गंभीर चोटें आईं और आंशिक लकवा (पैरालिसिस) हो गया था। हमले में उनके चालक की भी मृत्यु हो गई थी।
गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली ले जाया गया, जहां उन्होंने कई अस्पतालों में लंबा इलाज कराया। बाद के महीनों में वे चुराचांदपुर में भी उपचार करा रहे थे और धीरे-धीरे स्वास्थ्य लाभ की प्रक्रिया में थे।
हाल ही में उनकी तबीयत बिगड़ने पर 8 फरवरी को उन्हें इंफाल से नई दिल्ली एयरलिफ्ट किया गया। यह व्यवस्था मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद के नेतृत्व वाली नई सरकार के मार्गदर्शन में की गई थी, ताकि उन्हें उन्नत चिकित्सा सुविधा मिल सके। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद उनका निधन हो गया।
मुख्यमंत्री ने आज दोपहर यह दुखद समाचार मिलने के बाद राज्य से दिल्ली के लिए प्रस्थान किया और दिवंगत विधायक को अंतिम श्रद्धांजलि दी।
वाल्टे ने मणिपुर में जारी जातीय संकट के बीच पहले जो समुदाय के सदस्यों से एकता बनाए रखने की अपील भी की थी। उनके निधन से राज्य की राजनीति और विशेषकर जनजातीय समाज में शोक की लहर है।

