चेन्नई, 22 फरवरी (आईएएनएस)। भाजपा की वरिष्ठ नेता तमिलिसाई सौंदरराजन ने रविवार को तमिलनाडु की सरकार को घेरते हुए मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी प्रशासनिक विफलताओं और कथित भ्रष्टाचार से ध्यान हटाने के लिए अधिकारों के हनन की ‘बनावटी’ कहानी गढ़ रही है।
नमक्कल में मीडिया से बातचीत करते हुए सौंदरराजन ने यह बयान उस समय दिया जब वे आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के घोषणा पत्र को लेकर विभिन्न हितधारकों से सुझाव ले रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री यह धारणा बनाने की कोशिश कर रहे हैं कि केंद्र सरकार तमिलनाडु के साथ आर्थिक भेदभाव कर रही है।
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ‘बनावटी’ आर्थिक मंदी और केंद्र की आर्थिक योजना की बात करते हैं, लेकिन वास्तव में वे अधिकारों से वंचित किए जाने का एक ‘बनावटी’ माहौल बना रहे हैं।”
सौंदरराजन ने कहा कि राज्य में लोगों के अधिकार छीने नहीं जा रहे हैं, बल्कि यह दिखाने की कोशिश की जा रही है कि राज्य के अधिकार खतरे में हैं।
पूर्व राज्यपाल रहीं सौंदरराजन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अपने घोषणा पत्र और चुनावी अभियान के माध्यम से कथित ‘भ्रामक प्रचार’ का जवाब देगी। उन्होंने ‘डबल इंजन सरकार’ की अवधारणा को दोहराते हुए कहा कि यदि केंद्र और राज्य दोनों में एक ही पार्टी की सरकार होगी तो विकास की गति तेज होगी और कल्याणकारी योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव होगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में सरकार बनाएगी और लोगों की समस्याओं के व्यावहारिक समाधान पेश करेगी। साथ ही सौंदरराजन ने मुख्यमंत्री पर केंद्र सरकार के प्रति टकरावपूर्ण रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया।
सौंदरराजन ने कहा कि केंद्र की वित्तीय नीतियां सभी राज्यों के लिए समान हैं और तमिलनाडु के साथ किसी तरह का अलग व्यवहार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य को उपेक्षित या ठगा हुआ दिखाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।

