आजमगढ़, 22 फरवरी (आईएएनएस)। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने रविवार को केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों की तारीफ करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
ओम प्रकाश राजभर ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन स्पष्ट है – देश के हर गांव, राज्य और नागरिक को विकास की मुख्यधारा में लाना।’ उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ठीक कहा कि लोग गांवों, राज्य और देश का विकास चाहते हैं। दिल्ली से लखनऊ तक एनडीए सरकार सभी को तरक्की और खुशहाली के रास्ते पर लाने के लिए दिन-रात काम कर रही है।”
उन्होंने बताया, “हाल ही में उत्तर प्रदेश में शिक्षा मित्रों का मानदेय 10,000 रुपए से बढ़ाकर 18,000 रुपए कर दिया गया है। इसी तरह दूसरे कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों के हितों को भी ध्यान में रखा जा रहा है। यह फैसले सीधे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों तक पहुंच रहे हैं।”
उन्होंने युवाओं के रोजगार पर जोर देते हुए कहा, “प्रधानमंत्री का विजन यह पक्का करना है कि देश के युवाओं को सम्मानजनक रोजगार मिले और वे आत्मनिर्भर बनें। यूपी में पिछले कुछ वर्षों में लाखों युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं, स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम चल रहे हैं और स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जा रहा है।”
राजभर ने आगे कहा, “दूसरी ओर कांग्रेस के नेता राहुल गांधी जैसे लोग जब भी विदेश जाते हैं, तो भारत की बुराई करते हैं। वे दुनिया भर में देश को बदनाम करते हैं, जिससे भारत की छवि खराब होती है। यह उनकी पार्टी की सोच और कामकाज को उजागर करता है।”
चुनावी तैयारियों पर बात करते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा, “अभी हालात ऐसे हैं कि पब्लिक रजिस्ट्रेशन की तैयारी चल रही है। विशेष गहन पुनरीक्षम (एसआईआर) का काम भी जोरों पर है। लोग थोड़े कन्फ्यूज हैं, लेकिन सब कुछ पारदर्शी तरीके से हो रहा है। वोटर स्लिप पहले ही भेज दी गई हैं। जिलों में वोटर लिस्ट 15 अप्रैल को प्रकाशित की जाएगी और चुनाव निर्धारित समय पर ही होंगे। चुनाव आयोग पूरी निष्पक्षता से काम कर रहा है।”
मंत्री ने सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम आवास योजना, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत और किसान सम्मान निधि जैसी स्कीमों से करोड़ों परिवार लाभान्वित हुए हैं। विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन सिर्फ विरोध के लिए विरोध करते हैं, लेकिन विकास के एजेंडे पर कुछ नहीं बोल पाते।

