नई दिल्ली, 22 फरवरी (आईएएनएस)। प्रदर्शन करना अभिव्यक्ति की आजादी जरूर है, लेकिन एक सीमा में रहकर। सीमा के बाहर जाकर पूरे विश्व के सामने देश को शर्मसार करना अभिव्यक्ति की आजादी नहीं कहलाता। मर्यादा के बाहर जाकर नंगा नाच करना अधिकार नहीं कहलाता। हमारा संविधान और कानून इस बात की इजाजत किसी को भी नहीं देता। यह बात भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने एआई समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की शर्मनाक हरकत की आलोचना करते हुए कही।
दरअसल, रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कार्यक्रम के दौरान एआई समिट की उस घटना की आलोचना की, जिसमें कांग्रेस पार्टी ने पूरे विश्व के सामने देश को शर्मिंदा किया था। इसी मसले पर मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए सांसद मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने आज इसका जिक्र किया, क्योंकि पूरा देश इससे आक्रोशित है। पूरा देश इससे दुखी है।
चंद कांग्रेसियों की ओर से की गई यह घटना बहुत ही शर्मनाक थी। मिश्रा ने आरोप लगाया कि यह घटना राहुल गांधी के उकसाने पर की गई थी। यह राहुल गांधी का षडयंत्र था कि इतने बड़े समिट, जिस पर पूरे विश्व की निगाहें थीं, उसमें कैसे खलल डाला जाए। यह पूरी साजिश राहुल गांधी और उनकी पार्टी की ओर से रची गई थी।
विश्व का सबसे बड़ा समिट हमारे देश में हो रहा है। इससे पूरा देश खुश है। देश का युवा वर्ग इससे खुश है। युवाओं को एक नई शक्ति का आभास हो रहा है। हमारा देश बहुत आगे बढ़ने की ओर है। 2047 तक हमें पूरे विश्व का गुरु बनना है। इसके लिए प्रधानमंत्री देश में टेक्नोलॉजी और विज्ञान के विकास पर पूरा ध्यान दे रहे हैं। विदेशों से हमारे रिश्ते कैसे और मजबूत हों, इस पर दिन-रात लगे हुए हैं। ऐसे में देश में विश्व स्तर का एक कार्यक्रम होता है, जहां अलग-अलग देशों से अतिथि आए हुए थे। 20 देशों के हेड मौजूद थे। वहां पर इस तरह की शर्मनाक घटना हर देशवासी के लिए दुख की बात है। इसलिए आज प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी चर्चा की।
सांसद ने कहा कि भले ही कांग्रेस अपने बचाव में कुछ भी कहे, लेकिन सच ये है कि अभिव्यक्ति की आजादी ये नहीं होती है कि आप अपनी मर्यादा भूल जाएं और पूरे विश्व के सामने देश को शर्मिंदा करें। हमारा कानून और संविधान इस बात की इजाजत नहीं देता। एक सीमा में रहकर प्रदर्शन करना ही कानून के दायरे में आता है। यह भाजपा की मीटिंग नहीं थी। यह विश्व स्तर का कार्यक्रम था, जिसका नेतृत्व हमारा देश कर रहा था।
— आईएएनएस
अर्पित याज्ञनिक/एमएस

