नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने गुरुवार को कश्मीर के युवा खिलाड़ियों से मुलाकात की। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से दी है।
डॉ. मनसुख मंडाविया ने अपने एक्स अकाउंट पर खिलाड़ियों से मुलाकात की कुछ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा है कि कश्मीर के युवा खिलाड़ियों से मिलकर अपार खुशी हुई। यह जानकर गर्व हुआ कि खेलो इंडिया ने उनके जीवन में सकारात्मक और निर्णायक बदलाव लाया है।
उन्होंने लिखा, “इन जोशीले युवाओं ने संकल्प लिया कि पीएम नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करने में वे कंधे से कंधा मिलाकर योगदान देंगे।”
2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए की सरकार के आने के बाद जम्मू-कश्मीर में खेलों को लेकर माहौल बदला है। राज्य के खिलाड़ी हर खेल में राज्य स्तर के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर भी कई खेलों में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। इसमें केंद्र सरकार द्वारा चलाई गई ‘खेलो इंडिया’ नीति की अहम भूमिका रही है।
खेलो इंडिया के माध्यम से राज्य भर में ऐसे कई केंद्र चलाए जा रहे हैं जिनके माध्यम से दक्ष प्रशिक्षकों द्वारा राज्य के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देकर उनकी प्रतिभा को निखारा जा रहा है और उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा रहा है।
राजौरी के राजौरी स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेलो इंडिया सेंटर में 8 से 18 साल के बच्चों को मुक्केबाजी की ट्रेनिंग दी जा रही है। यह ट्रेनिंग उन्हें पूर्ण प्रशिक्षित कोच के द्वारा दी जा रही है। सेंटर की वजह से यह जिला युवा बॉक्सिंग टैलेंट के लिए एक उभरता हुआ केंद्र बनकर उभरा है।
गुलमर्ग में खेलो इंडिया विंटर गेम्स का आयोजन 23 से 26 फरवरी तक हुआ। इसमें 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 400 प्रतिभागियों ने पंजीकरण किया था। बर्फ पर होने वाले खेलों का यह दूसरा संस्करण गुलमर्ग में हो रहा है। खेलो इंडिया विंटर गेम्स के सभी छह संस्करण जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में हुए हैं।
इस तरह केंद्र सरकार के सहयोग से जम्मू-कश्मीर लगातार खेल के क्षेत्र में विकास कर रहा है।

