होबार्ट, 26 फरवरी (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ ब्रिस्बेन में खेले गए पहले वनडे मैच को 6 विकेट से अपने नाम किया। इसी के साथ मेजबान टीम ने तीन मुकाबलों की सीरीज में 1-0 से बढ़त हासिल कर ली है। ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी शानदार शुरुआती वनडे जीत के मोमेंटम को आगे बढ़ाना चाहती है। मेजबान टीम भारत के खिलाफ कड़े मुकाबले वाली मल्टी-फॉर्मेट सीरीज पर फिर से कंट्रोल करना चाहती है।
भारत के खिलाफ टी20 सीरीज 1-2 से गंवाने के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम ने शानदार जीत के साथ वनडे सीरीज की शुरुआत की है, जिसने मेजबान खेमे में आत्मविश्वास जगा दिया है। ऑस्ट्रेलिया के प्रदर्शन पर बात करते हुए, ऑलराउंडर एश्ले गार्डनर ने अच्छी और खराब दोनों बातों को स्वीकाराते हुए हालिया प्रदर्शन की अहमियत पर जोर दिया।
गार्डनर ने होबार्ट में रिपोर्टर्स से कहा, “हमने इस दौरान कुछ अच्छा क्रिकेट खेला है और कुछ जगहों पर उतना अच्छा नहीं भी खेला है। इसलिए, हम इन सभी को एक साथ जोड़ पाए। मुझे लगा कि आखिरी गेम एक तरह से परफेक्ट परफॉर्मेंस था। मुझे लगा कि गेंदबाजों ने सच में टोन सेट किया और फिर हमने उस टोटल को काफी आसानी से चेज कर लिया।”
उन्होंने आगे कहा, “भारत के खिलाफ टी20 सीरीज गंवाने से कैंप में जरूर निराशा थी, लेकिन हम जानते थे कि जब हम खुद पर फोकस करते हैं और सच में अच्छा क्रिकेट खेलते हैं, तो हम बेस्ट टीम होते हैं। मुझे लगता है कि हमें इस पर बहुत आत्मविश्वास रखने की जरूरत है।”
ऑस्ट्रेलिया ने एलिस पेरी और किम गार्थ की गैरमौजूदगी में शानदार वापसी की है। दोनों क्वाड इंजरी की वजह से बाहर थे। हालांकि, गार्डनर ने टीम की गहराई पर भरोसा जताते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर रिप्लेसमेंट तैयार थे।
वनडे सीरीज के शेष 2 मुकाबले बेलेरिव ओवल में खेले जाएंगे। गार्डनर ने ऑस्ट्रेलिया के सेंट्रल फोकस के तौर पर अनुकूलनशीलता पर जोर दिया, खासकर जब हालात ब्रिस्बेन से अलग होने की उम्मीद थी।
गार्डनर ने कहा, “वनडे सीरीज में उतरते वक्त मुझे अब भी लगता है कि यह हमारा सबसे मजबूत फॉर्मेट है। ब्रिस्बेन में मिली जीत से भी काफी आत्मविश्वास मिला। वहां हमारा रिकॉर्ड बहुत अच्छा रहा है। हमने जो सबसे बेहतर किया, वह था खुद पर फोकस रखना और अपनी गेम प्लान को बेहद सरल बनाए रखना। जहां जरूरत पड़ी, वहां हमने खुद को ढाला और कल भी हमें यही करना होगा।”
उन्होंने आगे कहा, “मैदान पर उतरने से पहले हम परिस्थितियों को समझ सकते हैं, लेकिन सबसे जरूरी यह है कि हम वही खेलें जो हमें सामने दिख रहा है, न कि पहले से बनी किसी धारणा के आधार पर। अगर बेलेरिव की बात करें, तो आमतौर पर यह बल्लेबाजी के लिए थोड़ी सपाट पिच मानी जाती है। हम जानते हैं कि भारत सीरीज को आगे बढ़ाना चाहता है। हमने निश्चित रूप से पूरे वर्ल्ड कप में यह देखा, लेकिन यहां ऑस्ट्रेलिया में थोड़ा ज्यादा बाउंस है। यह कभी-कभी बॉलिंग के लिए थोड़ा ज्यादा अच्छा होता है।”

